वॉशिंगटन डीसी : शटडाउन से परेशान अमेरिका में सरकार की नीतियों के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा है। नो किंग्स प्रोटेस्ट के दौरान अमेरिका के 2700 से ज्यादा शहरों और कस्बों में करीब 70 लाख लोगों ने प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि इस साल जून में हुए नो किंग्स प्रोटेस्ट से यह संख्या 20 लाख ज्यादा है। खास बात यह रही कि इस प्रदर्शन में न तो कोई हिंसा हुई और न ही कोई गिरफ्तारी।
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक शिकागो में ट्रंप की इमीग्रेशन नीतियों के खिलाफ ज्यादा गुस्सा दिखा। वहां अमेरिकी झंडे को उलटा करके लहराया गया। लॉस एंजेलेस में प्रदर्शनकारी इंफ्लेटेबल कॉस्ट्यूम (फूलने वाले कपड़ों) में दिखे और अमेरिकी झंडे लहराए। वाशिंगटन डीसी में भी भी मार्च हुआ। उधर, व्हाइट हाउस ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें ट्रंप सम्राट का मुकुट पहने दिखे। डेमोक्रेटिक नेताओं ने इन विरोध प्रदर्शनों पर समर्थन जताया जबकि रिपब्लिकन ने इसे अमेरिकी विरोधी बताया है।
सीनेटर क्रिस मर्फी ने ट्रंप को बताया अमेरिकी इतिहास का सबसे भ्रष्ट राष्ट्रपति
अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिका के इतिहास का सबसे भ्रष्ट राष्ट्रपति करार दिया है। उन्होंने यह टिप्पणी वॉशिंगटन डीसी में आयोजित एक राजनीतिक रैली ‘नो किंग्स’ को संबोधित करते हुए की। मर्फी ने अपने संबोधन में कहा कि ट्रंप खुद को “राजा” समझते हैं और मानते हैं कि सरकार के बंद रहने (शटडाउन) के दौरान वे अधिक शक्तियों के साथ कार्य कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा, “ट्रंप सोचते हैं कि वे राजा हैं और सरकार बंद रहने पर और भी भ्रष्ट तरीके से काम कर सकते हैं, लेकिन वे ऐसा नहीं कर सकते। शटडाउन के दौरान उन्हें कोई नई या अतिरिक्त शक्तियां नहीं मिलतीं।”
अमेरिकी लोगों के लड़ना कभी बंद नहीं करेंगे : वेंस
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कैम्प पेंडलटन में अमेरिकी मरीन कॉर्प्स को संबोधित करते हुए कहा कि ट्रम्प प्रशासन “अमेरिकी लोगों, विशेष रूप से सशस्त्र बलों के लिए लड़ना कभी बंद नहीं करेगा। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा, “चक शूमर और डेमोक्रेट्स ने भले ही सरकार को बंद कर दिया हो, लेकिन राष्ट्रपति ट्रम्प यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि हमारे बहादुर मरीन्स को वह वेतन मिले जिसके वे हकदार हैं। हम अमेरिकी लोगों, विशेष रूप से हमारे सशस्त्र बलों के लिए लड़ना कभी बंद नहीं करेंगे!”
















