दिल्ली की प्रतिष्ठित South Asian University (SAU) में सोमवार देर शाम एक हैरान कर देने वाली वारदात ने पूरे कैंपस को हिला कर रख दिया। यहां एक छात्रा के साथ चार लोगों द्वारा गैंगरेप की कोशिश किए जाने का मामला सामने आया है। छात्रा को विश्वविद्यालय परिसर में ही घायल और बेसुध हालत में पाया गया, जिसके बाद कैंपस में भारी तनाव और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर की शाम छात्रा लापता बताई गई थी। इसके अगले दिन जब पुलिस को सूचना मिली, तो जांच के दौरान छात्रा विश्वविद्यालय के सभागार (Auditorium) के पास गंभीर हालत में मिली। उसके कपड़े फटे हुए थे और शरीर पर चोट के निशान थे।
सूचना मिलते ही दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अंकित चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि पीड़िता के बयान के आधार पर FIR दर्ज की गई है, जिसमें सामूहिक दुष्कर्म के प्रयास के आरोप शामिल हैं।
पुलिस ने कहा कि जांच बेहद संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ की जा रही है। परिसर से CCTV फुटेज जब्त कर लिए गए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि छात्रा हॉस्टल से निकलने के बाद किन लोगों के संपर्क में आई और घटना स्थल तक कैसे पहुंची।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि छात्रा ने बयान में कहा है कि सभागार के पास चार लोगों ने उसे जबरन खींच लिया और उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। फिलहाल उसे मेडिकल जांच और काउंसलिंग के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस वारदात की कड़े शब्दों में निंदा की है और कहा कि संस्था अपने छात्रों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। SAU की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि पुलिस और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता दो हफ्ते पहले ही SAU कैंपस में दाखिल हुई थी। वह इससे पहले कोटा में एक साल तक रहकर पढ़ाई कर रही थी। परिवार में माता-पिता के अलगाव के कारण वह डिप्रेशन का इलाज भी करा रही थी। उसके पिता बिहार में रहते हैं जबकि मां मुंबई में।
घटना की खबर जैसे ही फैली, विश्वविद्यालय के छात्र आक्रोशित होकर प्रशासनिक भवन के बाहर जुट गए। छात्रों ने प्रशासन पर घटनाक्रम छिपाने और देरी से कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर समय पर पुलिस को सूचना दी जाती, तो शायद आरोपियों को तुरंत पकड़ा जा सकता था।
इस बीच, ABVP (Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad) ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला है। संगठन ने छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
वहीं, पुलिस ने कहा है कि जांच तेजी से चल रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। विश्वविद्यालय में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जबकि छात्रों का आंदोलन ‘न्याय की मांग’ को लेकर जारी है।
















