छत्तीसगढ के नवा रायपुर स्थित बसे भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में मानवता को शर्मशार करने वाली घटना घटी है। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) के एक छात्र सैय्यद रहीम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लेकर 36 छात्राओं की करीब 1000 अश्लील फोटो बना डालीं। ये फोटो कॉलेज के इवेंट्स और क्लासरूम में खींची गईं तस्वीरों से तैयार की गईं। रहीम ने अपनी क्लासमेट्स को भी नहीं बख्शा। तीन दिन पहले ये राज खुला और राखी थाने की पुलिस ने उसे बिलासपुर से गिरफ्तार कर लिया। ये घटना न सिर्फ छात्राओं के लिए सदमा है, बल्कि पूरे कैंपस की साख पर सवाल खड़े कर रही है।
कैसे हुई ये हरकत?
सैय्यद रहीम कॉलेज के इवेंट्स में लड़कियों की फोटो खींचने का शौकीन था। क्लास में भी वो चुपके-चुपके तस्वीरें ले लेता। फिर इन फोटोज को AI टूल्स से एडिट करके अश्लील बना दिया। पुलिस को उसके लैपटॉप और मोबाइल से सारी फोटोज मिलीं। रहीम ने ये तस्वीरें कुछ दोस्तों को दिखाईं, जिनसे बात लड़कियों तक पहुंच गई। डरी हुई छात्राओं ने IIIT मैनेजमेंट से शिकायत की। मैनेजमेंट ने उसे सस्पेंड तो कर दिया, लेकिन पहले पुलिस को नहीं बताया। आखिरकार मैनेजमेंट ने FIR दर्ज कराई।
पुलिस ने क्या किया?
रायपुर पुलिस ने फौरन एक्शन लिया। ASP दौलतराम पोर्ते ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। रहीम को बिलासपुर से पकड़ा गया। उसके लैपटॉप, मोबाइल और पेन ड्राइव जब्त हो गए। केस आईटी एक्ट की धारा 67, 67ए और 66(2) के तहत रजिस्टर हुआ है। इसमें 3 से 5 साल की सजा हो सकती है, और ये गैर-जमानती अपराध है। जांच अभी चल रही है, पुलिस हर एंगल से देख रही है।
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कॉलेज के द्वारा उठाए गए कदम
IIIT मैनेजमेंट ने इस मामले में एक्शन लेते हुए महिला स्टाफ की एक स्पेशल कमिटी बना दी। ये टीम टेक्निकल चीजें, सोशल मीडिया और डेटा लीक की जांच करेगी। रिपोर्ट पुलिस को सौंपी जाएगी। मैनेजमेंट अब सतर्क है, ताकि ऐसा दोबारा न हो।
साइबर क्राइम एक्सपर्ट मुकेश चौधरी ने इसे शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, आजकल ऐसे कई ऐप्स हैं जो फोटो एडिट कर देते हैं, लेकिन उनकी प्राइवेसी कमजोर है। डेटा सर्वर्स पर चला जाता है, और गलत हाथों में पड़ सकता है। यूजीसी ने भी सलाह दी है – छात्रों को जागरूक करें, ट्रेनिंग दें, और ऐसी घटना पर तुरंत पुलिस जाएं। इससे इंटरनेट और ब्राउजर से डेटा डिलीट कराया जा सके।

















