इस साल दिवाली 20 अक्टूबर, सोमवार को मनाई जाएगी। हर साल की तरह इस बार भी दीपावली की पूजा कार्तिक अमावस्या के दिन की जाएगी। इस दिन अमावस्या तिथि 20 अक्टूबर को दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर 21 अक्टूबर को शाम 4 बजकर 26 मिनट तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार, स्थिर लग्न में की गई दीपावली पूजा का विशेष महत्व होता है। इस बार शाम 7:10 बजे से 9:10 बजे तक वृष लग्न और रात 1:38 बजे से 3:52 बजे तक सिंह लग्न रहेगा। इन दोनों मुहूर्तों में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करना अत्यंत शुभ माना गया है।
दिवाली से पहले के त्यौहार- धनतेरस- 18 अक्टूबर (शनिवार), धनतेरस की तिथि 18 अक्टूबर दोपहर 1:20 बजे से शुरू होकर 19 अक्टूबर दोपहर 1:54 बजे तक रहेगी। इसी दिन से शुभ खरीदारी का आरंभ किया जाता है। यह दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर जी की पूजा के लिए शुभ माना गया है। छोटी दिवाली / नरक चतुर्दशी-19 अक्टूबर (रविवार)। इस दिन यम दीपक जलाने की परंपरा है। इसे नरक चतुर्दशी या छोटी दीपावली भी कहा जाता है। दीपावली- 20 अक्टूबर (सोमवार), इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। पूजा का समय दोपहर 2:19 बजे के बाद से रात तक शुभ माना गया है।
क्या खरीदें धनतेरस पर- धनतेरस के दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई चीजें घर में सुख, समृद्धि और बरकत लाती हैं। इस दिन आप ये चीजें खरीद सकते हैं- सोना, चांदी और आभूषण, बर्तन और घर के उपयोग की वस्तुएं, झाड़ू, नमक, श्रीयंत्र, और मिट्टी के दीये, भूमि, भवन या वाहन जैसी संपत्ति। कहा जाता है कि इन चीजों की खरीद से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इस साल 20 अक्टूबर को मनाई जाने वाली दिवाली के शुभ मुहूर्तों में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करें, दीप जलाएं और अपने घर में सुख-शांति का स्वागत करें।

















