प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार गोवा और काड़वार के तट पर खड़े स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर नौसैनिकों के साथ दिवाली मनाई। हर साल की तरह वे सैनिकों के बीच त्योहार मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीरों के बीच दिवाली मनाना सौभाग्य की बात है। नौसैनिकों को संबोधित करते हुए पीएम ने बताया कि वे खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि इस साल विक्रांत पर दिवाली मना रहे हैं। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “मुझे परिवार वालों के साथ दिवाली मनाने की आदत है, आप सब मेरा परिवार हैं और मैं आपके बीच हूं।”
ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान का सरेंडर
पीएम मोदी ने नौसैनिकों को 22 अप्रैल 2025 पहलगाम आतंकी हमले के बाद 7 मई से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की बात की। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में आईएनएस विक्रांत ने पाकिस्तान की सेना को बेचैन कर दिया था। विक्रांत के हमलों ने दुश्मन को इतना डरा दिया कि उन्होंने जल्दी ही घुटने टेक दिए। पीएम ने साफ शब्दों में कहा कि विक्रांत का पराक्रम देखकर पाकिस्तान ने सरेंडर कर दिया। यह ऑपरेशन भारत की नौसेना की ताकत का बड़ा उदाहरण था, जहां विक्रांत ने हवा से हमले करके दुश्मन के जहाजों को नुकसान पहुंचाया।
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विक्रांत: आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक
पीएम ने आईएनएस विक्रांत की तारीफ की और कहा कि यह सिर्फ एक युद्धपोत नहीं, बल्कि 21वीं सदी के भारत की मेहनत, हुनर, असर और समर्पण का सबूत है। विक्रांत को भारत में ही बनाया गया है, जो आत्मनिर्भरता की मिसाल है। उन्होंने नौसैनिकों से कहा कि यह पोत नौसेना की ताकत बढ़ाने के साथ-साथ देश की क्षमता को भी दिखाता है। पीएम ने जोर देकर कहा कि विक्रांत जैसे जहाज भारत को मजबूत बनाते हैं।

















