नैनीताल: उत्तराखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस जी.नरेंद्र ने निर्देशित किया है कि सैनिक परिवारों के मुकदमे प्राथमिकता के आधार पर सुने जाएं।
न्यायिक विधिक अकादमी को निर्देश
चीफ जस्टिस ने भवाली स्थित न्यायिक विधिक अकादमी को भी निर्देश दिया है कि वे इस बारे में निचली अदालतों के जजों और अन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण दिए जाने का भी कार्य करें। उन्होंने कहा है कि सैन्य परिवारों के मामले लंबे समय के लिए न लटके रहे इस बारे में हाई कोर्ट प्रशासन से भी अधिसूचना जारी की जा रही है। इन परिवारों के मामले विशेष रंग और टैगिंग करके दर्शाए जायेंगे।
हाइकोर्ट के इस निर्णय का अधिवक्ता परिषद,बार काउंसिल ने स्वागत किया है।
उल्लेखनीय है सीमा पर तैनात फौजी जवानों और अधिकारियों के लिए, मुकदमों के लिए बार-बार छुट्टी लेकर कोर्ट आने में वक्त और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। ताजा हालत और सीमांत सुरक्षा को देखते हुए संभवतः हाइकोर्ट ने उक्त निर्णय लिया है।

















