नई दिल्ली (हि.स.) । नागराकाटा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद खगेन मुर्मू पर हुए हमले के मामले में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पश्चिम बंगाल सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इस बात की जानकारी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को दी।
वहीं लोकसभा सचिवालय ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल सरकार से सांसद खगेन मुर्मु पर हुए हमले के मामले में तीन दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट मंगा कर सचिवालय काे भेजने को कहा है।
सूत्रों ने कहा कि घटना की गंभीरता और सांसद की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बाद यह कदम उठाया गया है।
सांसद खगेन मुर्मु पर 6 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के दुआर क्षेत्र में कुछ स्थानीय लोगों ने कथित रूप से हमला किया। उस समय वे बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों का निरीक्षण कर रहे थे। घटना में उनके सिर में गंभीर चोटें आईं हैं।
गौरतलब है कि सोमवार को जलपाईगुड़ी जिले के नागराकाटा में राहत वितरण के दौरान भाजपा सांसद खगेन मुर्मू और विधायक शंकर घोष पर हमला हुआ था। इस दौरान खगेन मुर्मू के चेहरे पर ईंट लगने से चोट आई, जबकि शंकर घोष को भी धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश का सामना करना पड़ा।
घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को ही राज्य सरकार को नोटिस भेजकर रिपोर्ट मांगी है। यदि रिपोर्ट देने में देर की गई, तो विशेषाधिकार हनन के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला केवल सांसद और विधायक का नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। लिहाजा, यदि रिपोर्ट देने में देरी की गई, तो नियमों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी सोमवार रात सोशल मीडिया मंच एक्स पर बंगाली और अंग्रेजी में पोस्ट कर इस हमले की कड़ी निंदा की और राज्य सरकार व सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उनके पोस्ट के दो घंटे बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उसी मंच पर जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उत्तर बंगाल की प्राकृतिक आपदा के बीच राजनीति कर रहे हैं।
संयोग से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मंगलवार को मिरिक के आपदाग्रस्त इलाकों का दौरा करने पहुंचीं, जहां उन्होंने स्थिति का आकलन किया।

















