नई दिल्ली (हि.स.) । बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे। प्रथम और द्वितीय चरण का मतदान क्रमशः 6 और 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। यह जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को दी।
पहले चरण में 121 सीटों पर और दूसरे में 122 सीटों पर मतदान
ज्ञानेश कुमार ने यहां के विज्ञान भवन में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर और दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर मतदान होगा। बिहार विधानसभा चुनाव पूरी पारदर्शिता और शांति के साथ कराए जाएंगे। राज्य में कुल 7.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें 3.92 करोड़ पुरुष, 3.50 करोड़ महिला और 1,725 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। इसके अलावा 7.2 लाख दिव्यांग मतदाता, 4.04 लाख 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता, 14 हजार 100 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता और 1.63 लाख सेवा मतदाता हैं। राज्य में 18 से 19 वर्ष की आयु के 14.01 लाख और 20 से 29 वर्ष की आयु के 1.63 करोड़ मतदाता हैं। इस चुनाव में करीब 14 लाख मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। नए मतदाताओं को 15 दिनों के भीतर वोटर कार्ड प्रदान किए जाएंगे।
मतदान केंद्रों की संख्या और विशेष व्यवस्था
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राज्य में कुल 90,712 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 76,801 ग्रामीण क्षेत्रों और 13,911 शहरी क्षेत्रों में हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर औसतन 818 मतदाता होंगे। इसके अलावा 292 दिव्यांग, 38 युवा और 1,044 महिला संचालित मतदान केंद्र बनाए गए हैं। साथ ही, 1,350 आदर्श मतदान केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी ताकि निगरानी सुनिश्चित की जा सके।
मतदाता सूची के शुद्धिकरण में बिहार ने पेश की मिसाल
उन्होंने कहा कि बिहार ने मतदाता सूची को शुद्ध करने के मामले में पूरे देश के लिए एक मिसाल पेश की है। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूचियों को अद्यतन किया गया है। मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों को दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराने का अवसर दिया गया था। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की गई। नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक वोटर लिस्ट में नाम जोड़ा जा सकता है, लेकिन अंतिम सूची जारी होने के बाद कोई नया नाम नहीं जोड़ा जाएगा।
बिहार विधानसभा की कुल सीटें और आरक्षण व्यवस्था
बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं, जिनमें 38 सीटें अनुसूचित जाति (एससी) और दो सीटें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित हैं। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग की इस पत्रकार वार्ता में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद थे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने विश्वास जताया कि आयोग की पूरी टीम और राज्य प्रशासन मिलकर बिहार में निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराएंगे।

















