भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपनी हवाई रक्षा को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सेना अब छह नए AK-630 एयर डिफेंस गन सिस्टम खरीदने जा रही है। ये सिस्टम खासतौर पर पाकिस्तान बॉर्डर के पास और धार्मिक स्थलों पर तैनात होंगे, ताकि दुश्मन की हवाई चालाकी नाकाम हो सके। ये खरीद मिशन सुदर्शन चक्र का हिस्सा है, जो 2035 तक देश को हथियारों में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखता है। टेंडर सरकारी कंपनी एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (AWEIL) को दिया गया है, और जल्द ही ये सिस्टम डिलीवर हो जाएंगे।
ऑपरेशन सिंदूर: जो सबक ने जगाई सतर्कता
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर और पंजाब में सिविलियन इलाकों व धार्मिक स्थलों पर हमले की कोशिश की। ड्रोन, तोपखाने, मोर्टार और रॉकेट्स से हमला करने की नीयत थी, लेकिन भारतीय सेना को उस वक्त हवाई रक्षा में कमी महसूस हुई। इस घटना ने सबको झकझोर दिया, और अब सेना ऐसी कमजोरी नहीं दोहराना चाहती। इसलिए AK-630 जैसे सिस्टम खरीदकर बॉर्डर पर हवाई खतरों से निपटने की तैयारी तेज हो गई है।
मिशन सुदर्शन चक्र: पीएम मोदी का विजन
ये AK-630 सिस्टम मिशन सुदर्शन चक्र का अहम हिस्सा है, जिसका जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से किया था। इस मिशन का मकसद 2035 तक अपना हवाई रक्षा तंत्र और साइबर सिक्योरिटी फ्रेमवर्क विकसित करना है। दुश्मन के हमलों से महत्वपूर्ण जगहों को बचाने के लिए ये जरूरी है। मिशन सेना को नई ताकत देगा और देश को हथियारों में आत्मनिर्भर बनाएगा, ताकि विदेशी निर्भरता कम हो।
AK-630 सिस्टम की खासियतें
सेना की एयर डिफेंस यूनिट ने AWEIL को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया है। ये सिस्टम 30 एमएम मल्टी-बैरल गन हैं, जो हाई-मोबिलिटी ट्रेलर पर लगे हैं। इन्हें आसानी से कहीं भी शिफ्ट किया जा सकता है। ये प्रति मिनट 3,000 राउंड फायर कर सकते हैं, और 4 किलोमीटर तक असरदार हैं। ड्रोन, तोपखाने, मोर्टार व रॉकेट्स जैसे हवाई खतरे नष्ट करने में माहिर। हर मौसम में टारगेट पहचानने की क्षमता है, जो इन्हें खास बनाती है। ये मुख्य रूप से पाक बॉर्डर के पास और धार्मिक स्थलों पर लगेंगे।
जल्द मिलेंगे सिस्टम
खरीद की सटीक लागत तो बताई नहीं गई, लेकिन डिफेंस अफसरों ने ANI से कहा कि ये सिस्टम जल्द ही मिल जाएंगे। कोई फिक्स्ड डेट तो नहीं, लेकिन तैयारी पूरी है।

















