योगी सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने कहा कि बरेली में अब पूरी तरह से शांति है। पुलिस द्वारा समय पर की गई कार्रवाई ने हिंसा भड़काने की किसी भी कोशिश को नाकाम कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी विपक्षी सांसद और नेता बरेली जाने की बात कर रहे हैं, वे माहौल बिगाड़ने की साजिश के तहत ऐसा कर रहे हैं। सरकार किसी को भी बरेली की शांति भंग करने की इजाजत नहीं देगी।
विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के सांसद और नेता अब बरेली जाकर उन्हीं दंगाइयों के लिए आंसू बहाने की तैयारी कर रहे हैं जिन्होंने पुलिस और निर्दोष लोगों को मारने की कोशिश की थी। उन्होंने सवाल किया, “वे किसके लिए बरेली जा रहे हैं? उनके लिए जिन्होंने कानून तोड़ा, पत्थर फेंके और पुलिस पर हमला किया?” उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है; केवल कानून तोड़ने वालों को ही जेल भेजा गया है।
राठौर ने कहा कि विपक्षी दलों को लगता था कि बरेली को आग में झोंककर उन्हें राजनीतिक लाभ मिलेगा, लेकिन प्रशासन की सख्त कार्रवाई ने उनके इरादों पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि जनता अब उन लोगों को पूरी तरह पहचान चुकी है जो राजनीतिक लाभ के लिए दूसरों के शवों का शोषण करते हैं। जो लोग कभी संविधान का हवाला देते थे, वे अब उसे तोड़ने और हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है: “कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, और किसी को भी शांति भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” उन्होंने कहा कि बरेली के लोग अपने घरों में शांतिपूर्वक रह रहे हैं, शांति और सद्भाव का आनंद ले रहे हैं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बाहरी ताकतें उस माहौल को बिगाड़ न सकें। वर्तमान में बरेली में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। बाजार खुले हैं, यातायात सामान्य है और पुलिस सतर्कतापूर्वक निगरानी कर रही है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में स्थिति पूरी तरह शांत हो जाएगी।
राज्य मंत्री राठौर ने बताया कि जिस तरह से कुछ लोगों ने रातों-रात माहौल को भड़काने की कोशिश की, उसमें मुख्य रूप से तौकीर रजा और उनके समर्थकों का नाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि लगातार प्रशासन उनसे बातचीत करता रहा, लेकिन रात करीब 11 बजे एक लेटर वायरल किया गया, जिसमें कहा गया कि आंदोलन नहीं होगा, जुलूस नहीं निकलेगा। फिर देर रात डेढ़ बजे दावा किया गया कि पत्र फर्जी है। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आ गए और ‘आई लव मुहम्मद’ के साथ ‘सर तन से जुदा’ जैसे भड़काऊ नारे लगाने लगे। राठौर ने कहा कि इसके बाद उपद्रवियों ने ईंट-पत्थर और पेट्रोल बम चलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया। पुलिस ने ससमय और संयमित एक्शन लिया, जिससे किसी निर्दोष को नुकसान नहीं हुआ। अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो हालात और बिगड़ सकते थे।
उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में ऐसे ही अराजक तत्व शहरों को जलाने का काम करते थे। 2010 में बरेली में महीनों कर्फ्यू में जलता रहा था, लेकिन आज हमारी सरकार में ऐसी अराजकता को सहन नहीं किया जाएगा। जो ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

















