नई दिल्ली: महाराष्ट्र में पुलिस ने तीन लोगों को कन्वर्जन कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ग्रामीणों को बरगला रहे थे और उनसे कह रहे थे कि अगर वो ईसाई बन जाते हैं तो उनकी सारी बीमारियां ठीक हो जाएंगी। हिंदुओं को ईसाई बनाने वाले गिरोह के आरोपियों ने भिवंडी के चिम्बीपाडा क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक व्यक्ति के घर के बाहर सभा भी आयोजित की थी। जिसमें लोगों को ईसाई बनने के लिए बरगलाया जा रहा था। सभा में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को ईसाई मत से संबंधित किताबें वितरित की गई थीं और उनसे प्रार्थनाएं कराई गई थीं। इसी सभा में आरोपियों ने ग्रामीणों से कहा कि अगर वो ईसाई बन जाते हैं तो उनकी बीमारियां ठीक हो जाएंगी।
ईसाई बनाने वाले गिरोह में US का नागरिक भी शामिल
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है। पुलिस ने यह कार्रवाई एक ग्रामीण की शिकायत पर की है। पुलिस को शिकायत मिली थी कि थाणे जिले के एक गांव में हिंदुओं को ईसाई बनाया जा रहा है। गिरफ्तार किए गए अमेरिकी नागरिक की पहचान जेम्स वॉटसन (58) के रूप में की गई है। उसके दो अन्य साथियों का नाम 42 साल का सायनाथ गणपति सर्पे और 35 साल का मनोज कोल्हा है। ईसाई सभा मनोज कोल्हा के घर के बाहर की गई थी।

पुलिस ने तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 (भारत के किसी भी वर्ग के नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य), धारा 302 (किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्दों का प्रयोग), विदेशी नागरिक अधिनियम, और महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, दुष्ट और अघोरी प्रथाओं और काला जादू निवारण और उन्मूलन अधिनियम, 2013 की अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मतांतरण के इस मामले की जांच कर रही है।
हिंदुओं को बरगलाकर कराया जाता है ‘कन्वर्जन’
गौरतलब है कि देश में जितने भी कन्वर्जन के मामले सामने आते हैं इनमें लालच और बगरलाना शामिल है। कुछ ऐसे गिरोह सक्रिय है जो मासूम हिंदुओं को पैसों और बीमारियों के ठीक होने के बहाने बरगलाते हैं और फिर उन्हें ईसाई या मुस्लिम बनाते हैं। इन लोगों की फंडिंग विदेशों से होती है और ये सारे गिरोह संगठित तौर पर कार्य करते हैं।

















