नई दिल्ली । दिल्ली के जंतर मंतर लाइव पर आज कर्नाटक के घुमंतू समुदाय का ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन हुआ। यह प्रदर्शन कांग्रेस सरकार की उदासीनता और प्रशासनिक ढीलेपन के खिलाफ था। सैकड़ों समुदाय सदस्य और कलाकार घंटों तक अपने घुमंतू समुदाय के अधिकार और सामाजिक न्याय की मांग करते रहे।
कांग्रेस की उदासीनता पर सवाल
वहीं कभी देर प्रदर्शन और प्रयास के बाद कांग्रेस कार्यालय से केवल एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए अन्दर बुलाया गया जिसमे महासचिव अभिषेक दत्त ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अस्पताल में हैं, राहुल गांधी विदेश में हैं, और वरिष्ठ नेता अपने निर्वाचन क्षेत्रों में व्यस्त हैं।
कलाकारों ने मंच पर जताई पीड़ा
विरोध प्रदर्शन में राम, लक्ष्मण, रावण, दुर्गा और हनुमान के रूप में सजे कलाकारों ने अपनी पीड़ा प्रकट की। कुछ ने खुद को जंजीरों से बांधकर यह दिखाया कि कांग्रेस सर्कार की उदासीनता पूरे समुदाय को कैसे प्रभावित कर रही है। सुरक्षा के नाम पर केवल एक प्रतिनिधिमंडल को अंदर जाने दिया गया और जनता के सामने समस्या का समाधान करने से कांग्रेस बचती रही।
प्रतिनिधिमंडल ने समय मांगा, कोई ठोस कार्रवाई नहीं
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के नेताओं ने समय मांगा, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। यही कारण है कि कर्नाटक के 59 घुमंतू समुदायों ने दिल्ली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और दृढ़ संकल्प लिया कि जब तक न्याय और आरक्षण में समानता नहीं मिलती, वे दिल्ली नहीं छोड़ेंगे।
सोशल मीडिया पर विरोध प्रदर्शन का असर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक यूजर the kush voice ने प्रदर्शन का वीडियो अपलोड करते हुए लिखा- “इस वीडियो के बाद कांग्रेस में हड़कंप मचा हुआ है, मेरी खुद की जंतर मंतर से रिकॉर्ड की वीडियो को इनके आईटी सेल तमिलनाडु की बता रहा है। अरे बेशर्म कांग्रेसी चमचों, शर्म करो… वरना यही प्रदर्शन अब कांग्रेस ऑफिस पर होगा।”
इस वीडियो के बाद कांग्रेस में हड़कंप मचा हुआ है, मेरी ख़ुद की जंतर मंतर से रिकॉर्ड की वीडियो को इनका आईटी सेल तमिलनाडु की बता रहा है. अरे बेशर्म कांग्रेसी चमचों शर्म करो.. वरना यही प्रदर्शन अब कांग्रेस ऑफिस पर होगा।
pic.twitter.com/32PbnqGTom— The Kush Voice (@Kush_voice) October 3, 2025
समाज और समुदायों के लिए चेतावनी
परिसंघ ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की उदासीनता के बावजूद उनका सामाजिक न्याय और घुमंतू समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। यदि यह अवसर खो गया, तो शायद न्याय कभी न मिल पाए। इसलिए समुदाय ने अपने भाइयों और बहनों से अपील की कि वे लगातार दिल्ली टीम भेजकर संघर्ष को मजबूत करें।

















