महाराष्ट्र के मुंबई से दर्दनाक वारदात प्रकाश में आई है, जहां शफीक नाम के मुस्लिम व्यक्ति की कुछ मुस्लिम अपराधियों ने बेरहमी से उसके ही बच्चों के सामने हत्या कर दी। अपराधियों ने पहले उसे पीटा, फिर उसकी उंगली काटी और फिर उसकी कलाई को भी काट दिया। ये सब तब हुआ, जब वह अपने 3 और 13 साल के बच्चों के साथ था। पुलिस ने तीनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। कहा जाता है कि इस हत्याकांड को गैस के धंधे को लेकर अंजाम दिया गया है।
क्या है पूरा मामला
शफीक अपने दोनों बेटों के साथ ऑटो रिक्शा में छत्रपति संभाजीनगर रेलवे स्टेशन के पास जा रहे थे। अचानक एक कार ने ऑटो को रोक लिया। कार से उतरे तीनों हमलावरों ने शफीक को जबरदस्ती बाहर खींच लिया। फिर जो हुआ, वो किसी काल्पनिक फिल्म से कम नहीं। उन्होंने पहले शफीक की उंगलियां काट डालीं, फिर दाहिनी कलाई को ही अलग कर दिया। सिर और गर्दन पर भी कई गहरी चोटें पहुंचाईं। शफीक ने अपनी जान बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वो नाकाम रहा। हमलावर भाग गए, और शफीक खून से लथपथ वहीं पड़े रहे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं। बच्चे तो बस चुपचाप ये सब देखते रहे, उनके चेहरे पर आज भी वो डर साफ झलकता होगा।
बिजनेस की दुश्मनी ने लिया इतना भयानक रूप
ये हत्या कोई अचानक नहीं हुई। शफीक और मुख्य आरोपी मुजीब डॉन के बीच गैस के बिजनेस को लेकर पुरानी रंजिश थी। मुजीब पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो इसकी पुष्टि करते हैं। उसके भाई सद्दाम हुसैन मोइनुद्दीन और साले शेख इरफान शेख सुलेमान भी इस वारदात में शामिल थे। ये तीनों मिलकर इस प्लान को अंजाम देने वाले थे। सोचिए, एक छोटे-मोटे धंधे की लड़ाई ने एक परिवार को बर्बाद कर दिया। बच्चे अब अनाथ हैं, और मां का क्या हाल होगा, ये सोचकर ही दिल भर आता है।
9 घंटे के अंदर ही पकड़े गए हत्यारे
इस मामले में पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साथ ही नौ घंटे के अंदर ही मुजीब, सद्दाम और इरफान को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में गैस बिजनेस की दुश्मनी सामने आई। अभी और पूछताछ चल रही है, ताकि पूरा सच बाहर आ सके। मुंबई पुलिस की ये तेजी काबिल-ए-तारीफ है, लेकिन इतनी क्रूरता के आगे ये गिरफ्तारियां भी कम लगती हैं।

















