अमेरिका में सरकारी कामकाज ठप हो गया है, वो भी लगभग सात साल बाद पहली बार। वजह सिंपल है कि रिपब्लिकन और डेमोक्रेट पार्टियों के बीच फंडिंग पर सहमति नहीं बन पाई। ये शटडाउन नॉन-एसेंशियल सर्विसेज को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है, जैसे वीजा प्रोसेसिंग और नेशनल पार्क्स बंद हो जाएंगे। वहीं, एसेंशियल वर्कर्स बिना सैलरी के काम पर रहेंगे।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में यूएस एम्बेसी ने अपने ट्विटर (अब एक्स) अकाउंट पर एक पोस्ट डाली है कि “फंडिंग में कमी की वजह से ये अकाउंट रेगुलर अपडेट नहीं होगा, जब तक फुल ऑपरेशंस न शुरू हों। हां, इमरजेंसी सेफ्टी और सिक्योरिटी इंफो के लिए अपडेट जरूर आएंगे।”
अमेरिकी सरकार बंद क्यों हुई?
अमेरिका में हर साल 1 अक्टूबर को फिस्कल ईयर शुरू होता है, और इसके लिए कांग्रेस को स्पेंडिंग बिल्स पास करने होते हैं ताकि गवर्नमेंट डिपार्टमेंट्स और एजेंसीज को फंड मिले। लेकिन इस बार, डेडलाइन से पहले कोई बिल पास नहीं हुआ। रिपब्लिकन लॉ मेकर्स ने एक टेम्पररी सॉल्यूशन सुझाया – एक ‘क्लीन’ कंटीन्यूइंग रेजोल्यूशन (सीआर), जो मौजूदा फंडिंग को नवंबर 21 तक बनाए रखता। लेकिन डेमोक्रेट्स ने मना कर दिया। उनका कहना था कि किसी भी डील में साल के अंत में खत्म हो रही हेल्थ इंश्योरेंस सब्सिडीज को परमानेंट एक्सटेंशन देना जरूरी है। इसके बाद स्टैंडऑफ हो गया। पिछली बार ऐसा दिसंबर 2018 में हुआ था, जो 35 दिनों तक चला। उस वक्त भी फंडिंग पर ही झगड़ा था।
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शटडाउन के बाद क्या?
शटडाउन में फेडरल गवर्नमेंट के सभी नॉन-एसेंशियल फंक्शन्स रुक जाते हैं। मतलब, वीजा सर्विसेज, पासपोर्ट प्रोसेसिंग, NASA जैसी एजेंसीज, डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन और नेशनल पार्क्स सब बंद। लोग घूमने-फिरने का प्लान बनाते हैं तो पार्क्स लॉक हो जाएंगे। वहीं, एसेंशियल वर्कर्स – जैसे एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स, एयरपोर्ट्स पर TSA ऑफिसर्स, बॉर्डर पेट्रोल, कोस्ट गार्ड्स, FBI और CIA – को बिना पेमेंट के काम पर आना पड़ता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार कहा था, “शटडाउन से लेऑफ्स होते हैं, तो ढेर सारे लोग बुरी तरह प्रभावित होते हैं।”
भारत में यूएस एम्बेसी का ट्विटर अकाउंट भी इसी लैप्स इन एप्रोप्रिएशंस की वजह से प्रभावित है। पोस्ट में साफ लिखा है, “इस एक्स अकाउंट को रेगुलर अपडेट नहीं मिलेंगे, सिवाय जरूरी सेफ्टी इंफो के।”

















