उत्तर प्रदेश के बरेली में पिछले शुक्रवार को ‘आई लव मोहम्मद जुलूस’ के दौरान कुछ कट्टरपंथी मानसिकता से सने मुस्लिमों के द्वारा किए गए बवाल के बाद इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। इंटरनेट बंद कर दिया गया है, ताकि कोई अफवाह न फैले। 8000 से ज्यादा पुलिसकर्मी, पीएसी और आरआरएफ के जवान सड़कों पर डटे हैं। ड्रोन आसमान से नजर रख रहे हैं, और सीसीटीवी कैमरे हर हरकत पर पैनी नजर रखी जा रही है।
एसपी स्तर के अधिकारी को कमान
सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों को चार सुपर जोन में बांट दिया गया है। हर जोन पर एक एसपी लेवल का अफसर नजर रख रहा है। कुल 8000 से ज्यादा जवान तैनात हैं। इसमें पुलिस, पीएसी और आरआरएफ के जवान शामिल हैं। गुरुवार शाम को खुद एडीजी रामित शर्मा, कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी, डीआईजी अजय साहनी, डीएम अविनाश सिंह और एसएसपी अनुराग आर्य ने संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त की। जनता से बात की, भरोसा दिलाया। एडीजी ने कहा, “कोई शहर का माहौल खराब नहीं कर सकेगा। कानून मानने वालों के साथ पुलिस हर कदम पर खड़ी है, लेकिन शरारती तत्वों पर सख्त कार्रवाई होगी।” कमिश्नर ने भी यही बात दोहराई।
ड्रोन और कैमरों की पैनी नजर: छतों पर खोजबीन
आखिरी जुमे पर सीसीटीवी फुटेज में छतों पर भीड़ जुटने और पत्थर मिलने की खबर आई थी। इसलिए इस बार ड्रोन टीमों को बढ़ाकर अब सात कर दिया गया है। ये सुबह 10 बजे से उड़ान भरेंगी। खासतौर पर संवेदनशील इलाकों की छतों पर नजर रखेंगी – कोई पत्थर तो नहीं? हर ड्रोन टीम के साथ स्पेशल पुलिस टीम होगी। एसएसपी अनुराग आर्य ने साफ कहा, “अगर किसी छत पर पत्थर मिले, तो तुरंत एफआईआर दर्ज होगी और कार्रवाई होगी। छतों पर कोई जमा नहीं होने देंगे, इसके लिए स्पेशल छत ड्यूटी लगाई गई है।”
इसके साथ ही सादे कपड़ों में करीब 200 पुलिसकर्मियों को जनता के बीच नजर रखने के लिए तैनात किया जाएगा। ये बाजारों, मस्जिदों के आसपास हर हरकत पर नजर रखेंगे।
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इतना सब क्यों ?
गौरतलब है कि 26 सितंबर को आई लव मुहम्मद जुलूस के दौरान कट्टरपंथियों ने जमकर हिंसा की थी। पुलिस पर भी पत्थरबाजी की गई थी। आईएमसी चीफ मौलाना तौकीर रजा ने जुमे की नमाज के बाद इस्लामिया ग्राउंड पर भीड़ जुटाने का ऐलान किया था, जिसके बाद लोग सड़कों पर उतर आए, पथराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस से हालात काबू में किए। इस मामले में पुलिस ने 87 शरारती लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें मौलाना तौकीर रजा और उनके करीबी शामिल थे। इनमें से 81 को जेल भेज दिया गया। बाकी अभी भी निशाने पर हैं। ऐसे में इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
















