रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को सोची में एक भाषण देते हुए पश्चिमी दुनिया की उन आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया कि मॉस्को नाटो पर हमला करने की योजना बना रहा है। उन्होंने इसे बकवास करार दिया। वल्दाई फोरम के सालाना आयोजन में पुतिन ने यूरोप की बढ़ती सैन्यीकरण पर चिंता जताई और कहा कि रूस इसे नजरअंदाज नहीं कर सकता। साथ ही, उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के प्रति नरम लहजा अपनाया, जबकि यूक्रेन युद्ध पर कोई समझौते की गुंजाइश नहीं दिखाई। इसी बीच, कोपेनहेगन में 45 यूरोपीय नेताओं की बैठक हो रही थी, जहां यूक्रेन को समर्थन मजबूत करने पर चर्चा हुई।
सोची भाषण: यूरोप की सैन्यीकरण पर नजर और जवाबी कदम
पुतिन ने वल्दाई के मुख्य सत्र में वैश्विक मुद्दों पर खुलकर बोला। उन्होंने कहा, “हम यूरोप में तेजी से बढ़ते सैन्यीकरण को करीब से देख रहे हैं। हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते। अपनी सुरक्षा के लिहाज से हमें ऐसा करने का हक ही नहीं है।” फिर उन्होंने चेतावनी दी, “रूस के जवाबी कदमों में देरी नहीं होगी, किसी को शक नहीं कि हम तैयार नहीं हैं।” यह बयान ऐसे समय आया जब हाल ही में रूसी ड्रोन और जेट्स कई यूरोपीय देशों में घुस आए थे। कोपेनहेगन समिट में यूरोपीय नेता यूक्रेन के लिए हथियारों की सप्लाई तेज करने और रूसी आक्रामकता रोकने के प्रोजेक्ट्स पर सहमत हुए।
ट्रंप के प्रति नरमी
ट्रंप ने हाल ही में पुतिन और रूस की अर्थव्यवस्था-सेना को ‘पेपर टाइगर’ कहा था, लेकिन पुतिन ने जवाब में ट्रंप की तारीफ की। उन्होंने कहा, “अगर ट्रंप सत्ता में होते, तो यूक्रेन का यह संघर्ष टल जाता।” ट्रंप खुद अक्सर ऐसा दावा करते हैं। पुतिन ने ट्रंप को ‘आरामदायक बातचीत करने वाला’ बताया, जो ‘सुनना जानता है।’ उन्होंने अमेरिका के साथ ‘पूर्ण बहाली’ की इच्छा जताई और ट्रंप के कार्यकाल की ‘सीधी बात और बेईमानी न होने’ की सराहना की। ट्रंप के ‘पेपर टाइगर’ वाले तंज पर पुतिन ने काउंटर दिया, “अगर हम पूरे नाटो ब्लॉक से जंग लड़ रहे हैं और फिर भी पेपर टाइगर हैं, तो नाटो क्या है?” हालांकि, उन्होंने ट्रंप के गाजा युद्ध खत्म करने के प्लान की तारीफ की, जिसमें पूर्व ब्रिटिश पीएम टोनी ब्लेयर अहम भूमिका निभाएंगे। पुतिन ने पुरानी याद करते हुए कहा, “मैं ब्लेयर के घर रुका था, हम पजामे में कॉफी पीते थे।”
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यूरोप पर हिस्टेरिया फैलाने का आरोप
इस दौरान पुतिन का यूरोप के प्रति लहजा काफी सख्त था। उन्होंने यूरोपीय एलीट्स को दोषी ठहराया कि वे यूक्रेन में शांति रोक रहे हैं और इलाके में ‘हिस्टेरिया’ भड़का रहे हैं। उन्होंने कहा, “रूस के साथ जंग घर के दरवाजे पर है, ये मंत्र बार-बार दोहराते हैं… ये बकवास पर यकीन करते हैं कि रूस नाटो पर हमला करेगा? या तो वे बेहद अक्षम हैं, या बेईमान।” इसके साथ ही फ्रांस द्वारा रूस की ‘शैडो फ्लीट’ के ऑयल टैंकर के क्रू को गिरफ्तार करने पर भी पुतिन का गुस्सा फूटा। पुतिन ने इसे ‘समुद्री डाकूई’ कहा, क्योंकि यह न्यूट्रल वाटर्स में बिना वजह पकड़ा गया।
कीव को बातचीत सोचनी चाहिए
यूक्रेन जंग पर पुतिन ने कोई नरमी नहीं दिखाई। उनका मकसद कीव को घुटने टेकने पर मजबूर करना ही है। हाल के मामूली फील्ड गेंस के बावजूद, उन्होंने दावा किया कि रूसी फौजें ‘पूरी लाइन पर आत्मविश्वास से आगे बढ़ रही हैं।’ रूसी राष्ट्रपति ने कहा, “यूक्रेन के नुकसान देखकर कीव को गंभीरता से बातचीत पर सोचना चाहिए।”
कोपेनहेगन समिट
दूसरी तरफ कोपेनहेगन में यूरोपीय नेता जुटे। इस दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा, “हमें साफ दिख रहा है कि सिर्फ संयुक्त कार्रवाई और एकजुट प्रयास ही असली सुरक्षा की गारंटी दे सकते हैं। कोई देश इस खतरे के खिलाफ अकेला न छूटे।” उन्होंने यूरोप से ‘राजनीतिक इच्छाशक्ति’ दिखाने को कहा, ताकि बिना देरी के कदम उठें।

















