लखनऊ । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी वर्षगांठ के अवसर पर 1 अक्टूबर, 2025 को राष्ट्रधर्म पत्रिका द्वारा भागीदारी भवन सभागार, गोमती नगर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विशेषांक *“राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ : विचार यात्रा के 100 वर्ष”* का विमोचन किया गया।
दत्तात्रेय होसबाले जी का उद्बोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले जी ने कहा कि राष्ट्रधर्म एक शाश्वत धर्म है। भारत में जन्मे प्रत्येक व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह सोचे—राष्ट्र के लिए जीवन में किस क्षेत्र में योगदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि 1948-49 के कठिन दौर से लेकर अब तक इस पत्रिका ने हिंदुत्व के विचार को समाज तक पहुँचाने का कार्य किया है।
स्वयंसेवक की भावना और संघ की पूंजी
सरकार्यवाह जी ने कहा कि स्वयंसेवक का भाव होता है कि मैं हिन्दू धर्म और संस्कृति की रक्षा करने के लिए समाज का अंग हूँ। समाज की पीड़ा को अपनी पीड़ा मानकर उसे दूर करना ही संघ का मूल भाव है। अनेक कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिए, कठिनाइयाँ झेलीं, लेकिन लक्ष्य से विचलित नहीं हुए। यही संघ की असली पूंजी है।
राष्ट्रधर्म से जुड़े महान व्यक्तित्व
उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी ने भी राष्ट्रधर्म से जुड़कर इसे सशक्त किया। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद पत्रिका का प्रकाशन नहीं रुका क्योंकि इसके पीछे समाज को विचार और दृष्टि देने का संकल्प था।
संघ का उद्देश्य और वैश्विक दृष्टिकोण
होसबाले जी ने कहा कि संघ का उद्देश्य केवल संगठन बनाना नहीं, बल्कि व्यक्ति को परिष्कृत करना है—विद्या, ज्ञान और धन प्रदान कर समाज की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया भारत को विश्वगुरु कह रही है, तब जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि हम अपने अध्यात्म, संस्कृति और मूल्यों से विश्व को दिशा दिखाएँ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता और विशेष अतिथि
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती विनोद सोलंकी जी ने की। उन्होंने कहा कि भारत भूमि ऋषि-महर्षियों की तपोस्थली रही है और हम अमृत जीवन के अधिकारी हैं। विशिष्ट अतिथि श्रीमती आरती राणा ने जनजाति महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए अपने कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 1997 से थारु जनजाति के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर काम हो रहा है, और आज 15,000 महिलाएँ इस संगठन से जुड़ी हैं।
कार्यक्रम में शामिल गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांतरंजन जी, क्षेत्र प्रचारक अनिल जी, प्रान्त प्रचारक कौशल जी, कैबिनेट मंत्री असीम अरुण, इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय सहसंगठन मंत्री संजय कुमार, महापौर सुषमा खर्कवाल, राष्ट्रधर्म के निदेशक मनोजकांत जी, प्रभारी निदेशक सर्वेश द्विवेदी, पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह, वरिष्ठ प्रचारक प्रेम कुमार जी, क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी, धर्म जागरण प्रमुख अभय कुमार और विभाग प्रचारक अनिल जी सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।

















