उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद में पुलिस ने कन्वर्जन के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और अहरौरा थाना क्षेत्र के सरिया स्थित एक चर्च को सील कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने लालच देकर अब तक करीब 70 लोगों का कन्वर्जन कराया है। आशंका है कि यदि यह सिलसिला जारी रहता, तो अगले दो-तीन महीनों में यह संख्या 700 तक पहुंच सकती थी। आरोपियों के पास से कन्वर्जन के लिए तैयार की गई लोगों की एक विस्तृत सूची भी बरामद की गई है।
पुलिस अधीक्षक की जानकारी
मिर्जापुर के पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने बताया कि यह एक संगठित धर्मांतरण नेटवर्क था, जिसका संचालन इंडियन मिशनरी सोसाइटी, तमिलनाडु के अहरौरा और चंदौली के नौगढ़ क्षेत्र के प्रभारी डैनियल राज के नेतृत्व में किया जा रहा था।
गिरोह की ऐतिहासिक गतिविधियाँ
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह 2012 में यहां सक्रिय था, लेकिन बाद में कुछ समय के लिए गतिविधियां बंद हो गई थीं। 2024 में यह नेटवर्क फिर से सक्रिय हुआ। 29 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि अहरौरा थाना क्षेत्र के सरिया गांव में एक चर्च में लंबे समय से कन्वर्जन करा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी
इसके आधार पर पुलिस ने तमिलनाडु निवासी डैनियल राज, मिथलेश कुमार कोल, ओम प्रकाश, पारस सोनकर और थॉमस राज को गिरफ्तार किया।
गिरोह की कार्यप्रणाली
पुलिस जांच में पता चला कि यह गिरोह गांवों की गरीब बस्तियों को निशाना बनाता था। इलाज के नाम पर और अन्य प्रलोभन देकर लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था। चंगाई सभाओं के जरिए कन्वर्जन कराया जाता था। चर्च परिसर में एक हॉस्टल भी बनाया गया था, जहां लोगों को रखा जाता था। कुछ लोगों को वेतन भी दिया जाता था।
जांच की दिशा
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और बैंक खातों की जांच कर रही है। साथ ही, तमिलनाडु से इनके संपर्कों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
















