चंडीगढ़। दिल्ली में क्या एक बार फिर हवा जहरीली होने वाली है? क्या दिल्ली वालों का एक बार फिर दम घुटेगा, क्योंकि पंजाब के खेतों में पराली का जलना जारी है और सारे सरकारी प्रबंध धुआं-धुआं होते दिख रहे हैं। राज्य में पराली जलाने की कुल मामलों की संख्या बढ़कर 90 हो गई। पराली जलाने में अब तक सबसे अधिक 51 मामले अमृतसर में सामने आए हैं।
पंजाब में 15 सितंबर से सेटेलाइट के जरिये पराली जलाने के मामलों की मॉनीटरिंग हो रही है। दावों के विपरीत तब से रोजाना खेतों में पराली जल रही है। इसके चलते पंजाब के शहरों का प्रदूषण भी बढ़ने लगा है। बठिंडा का एक्यूआई 175 दर्ज किया गया जो येलो जोन में रहा। डॉक्टरों के मुताबिक इस तरह के एक्यूआई में ज्यादा देर तक बाहर रहने से खास तौर से सांस व दिल के रोगों से पीड़ित मरीजों को समस्या हो सकती है।
अमृतसर के बाद तरनतारन में सबसे अधिक 11 मामले, पटियाला में 10, बरनाला में दो, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, व जालंधर में एक-एक मामला, कपूरथला में तीन, मालेरकोटला में चार मामले, होशियारपुर में दो, संगरूर में भी दो और एसएएस नगर में भी एक मामला हुआ है। 47 मामलों में 2 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस जुर्माना राशि में से 1 लाख 75 हजार रुपये की वसूली भी कर ली गई है। वहीं 49 मामलों में सेक्शन 223 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पराली जलाने पर पंजाब में 32 रेड एंट्री दर्ज की गई हैं। भूमि रिकॉर्ड में रेड एंट्री होने पर संबंधित किसान न तो अपनी जमीन बेच सकता है और न ही उसे गिरवी या फिर उस पर लोन ले सकता है।

















