उत्तर प्रदेश के राजभवन लखनऊ में प्रेरणा संस्थान द्वारा 5100 कन्याओं का पूजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने कहा कि, आज राजभवन में 5000 से ज्यादा कन्याओं ने आकर हमें गौरवशाली बना दिया है। आज कन्याएँ शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य और सकारात्मक विचार के साथ आगे बढ़ रही हैं। हमारी बेटियाँ लगातार आगे बढ़ें, उनके जीवन में समस्याएँ न आएँ इसके लिए निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल का संबोधन
उन्होंने आगे कहा कि, मैं रोजाना कई स्थानों पर जाती हूँ। भारतभर में घूमती हूँ। कई लोगों से मिलती हूँ। कई बार मुझे ये देखकर दुख होता है कि, हमारी बेटियाँ कितना कुछ सहन कर रही हैं। बेटियों के उत्थान और समस्याओं के समाधान के लिए सबसे पहले माता-पिता को जागरूक होना होगा। बेटियाँ, चरित्रशील हों, शिक्षित हों, निरन्तर आगे बढ़ें उसके लिए उनकी जिम्मेदारियों का एहसास उन्हें कराना पड़ेगा।
उन्होंने कहा- मैं अक्सर यूनिवर्सिटी, आँगनवाड़ी आदि जगहों पर जाती हूँ। वहाँ की व्यवस्थाओं को देखती हूँ। सरकारें तो समाज के लिए योजनाएँ लाती ही हैं लेकिन जनता का जागरूक होना आवश्यक है। आज भारत में जितनी भी महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर हुआ है उसमें यूपी की संख्या 50 प्रतिशत है, क्योंकि गरीब तबके का व्यक्ति वैक्सीनेशन नहीं करा सकता है इसलिए यूनिवर्सिटी और अधिकारी सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा- हमें बेटियों को पढ़ाना है और आगे बढ़ाना है। ताकि भविष्य का निर्माण किया जा सके। आप में से कोई समाज के उत्थान के लिए उत्तम कार्य करना चाहता है तो अनुमति की आवश्यकता नहीं है। हमें बच्चों को सीखाना चाहिए कि, भोजन के एक टुकड़े को 32 बार चबाना चाहिए। इसके अलावा भोजन करने का, बैठने का साथ ही भोजन मंत्र का अभ्यास भी कराना चाहिए।
चंपत राय का संबोधन
कार्य़क्रम में विशेष अतिथि के रुप में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र, अयोध्या के महासचिव श्री चंपत राय जी ने कहा कि, कन्या पूजन का य़े दृश्य देखकर मेरे मन में कई तरह के विचार आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश का राजभवन अपने में अनोखा राजभवन है। 5100 कन्या पूजन का कार्य़क्रम किसी और राज्य के राजभवन में संभव नहीं है। सुरक्षा की चुनौतियों को पार करते हुए इस कार्य़क्रम का संचालन प्रशंसनीय है।
उन्होंने आगे कहा कि, कैंसर का वैक्सीनेशन अभिनन्दनीय और प्रशंसनीय है।
चंपत राय जी ने दीनदयाल उपाध्याय जी को उनकी जयन्ती पर याद करते हुए कहा कि, उपाध्याय जी ने समाज में एकात्मकता का संदेश दिया था। वो कहते थे कि, जैसे शरीर एक है- वैसे ही समाज भी एक होना चाहिए। उन्होंने कन्या पूजन को लेकर कहा कि, मां शब्द संसार को भारत ने ही दिया है। मां शब्द भारत के मनीषियों की देन है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल जी का संबोधन
विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल जी ने कहा कि, ये हमारा सौभाग्य है कि हम भारतवर्ष में रहते हैं। पूरी दुनिया में सिर्फ भारत ही ऐसा देश है जहां कन्याओं को दुर्गा के रूप में पूजा जाता है। सनातन परम्परा में देवी स्वरूपा कन्याओं का पूजन किया जाता है।
उन्होंने बुन्देलखण्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि, वहां 5 साल की कन्याओं का पूजन किया जाता है। पिता अपनी पुत्री के चरण स्पर्श करते हैं ये परम्परा सिर्फ सनातन में ही है। आज के समय में शासन द्वारा बेटी बचाओ कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है साथ ही आज का समाज भी जागरूक हो गया है। आज बेटियों के संरक्षण, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में निरन्तर कार्य किए जा रहे हैं। हमें बेटियों के उत्थान के लिए हर तरह के प्रयास करने चाहिए। इसके साथ ही उन्हें परिवार में, समाज में उनके दायित्व के बारे में भी बताना और समझाना होगा।
अनिल जी ने आगे कहा कि, बेटियों की ऊँची उड़ान के लिए घर, परिवार, समाज के साथ ही सरकार का सहयोग भी आवश्यक है। हम सभी को कन्याओं को दुर्गा के रूप में देखना चाहिए और उनका आदर करना चाहिए।
प्रेरणा संस्थान द्वारा आयोजन
उत्तर प्रदेश के राजभवन में प्रेरणा संस्थान द्वारा आयोजित 5100 कन्याओं के कन्या पूजन कार्य़क्रम का आयोजन प्रेरणा संस्था के अध्यक्ष गुन्जित कालरा, सचिव शिखा भार्गव, अक्षय खोसला, शरद जैन, पीयूष चौहान, जतिन वर्मा, यशवर्धन अग्रवाल, प्रशान्त भाटिया, अभिनव भार्गव ने सामूहिक रुप से किया।

















