‘आई लव मोहम्मद’ का कोई मजहबी आधार नहीं है। इसका वाक्य का कोई ऐतिहासिक प्रमाण भी नहीं है। मगर ठीक नवरात्रि और दशहरे के पर्व पर आई लव मोहम्मद के मुद्दे पर पूरे देश में पोस्टर लगाये जा रहे हैं और कहीं- कहीं पर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में बारावफात के मौके पर आई लव मोहम्मद का बोर्ड लगाया गया। इस बोर्ड का हिन्दू संगठनों ने विरोध किया। कुछ देर बाद बैनर हटाया गया। गत 10 सितंबर को रावतपुरा थाने में उप निरीक्षक पंकज शर्मा की तहरीर पर शराफत हुसैन, शबनूर आलम, बाबू अली, मोहम्मद सिराज, फजलू रहमान, इकराम अहमद, इकबाल, बंटी, कुन्नू कबाड़ी एवं 10-15 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
इस प्रकार का बैनर इसके पहले कभी नहीं लगा गया था। नई परम्परा का स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने बैनर को दूसरी जगह लगवाकर मामला शांत करा दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर ‘आई लव मोहम्मद’ का अभियान चलाया जा रहा है। अब यह मामला उत्तर प्रदेश के कुछ जनपदों के साथ ही हिन्दुस्थान के कई प्रदेशों में बढ़ता जा रहा है। मुस्लिम युवक प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस से विवाद पर आमादा हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से देश-विदेश में यह अभियान चलाया जा रहा है। बकायदे यह लिखा जा रहा है कि आई लव मोहम्मद का यह अभियान रुकना नहीं चाहिए।
लातूर में मुस्लिमों ने निकाला बड़ा जुलूस
महाराष्ट्र के लातूर में मुस्लिम युवकों ने एक बड़ा जुलूस निकाला। भारी संख्या में मुस्लिम युवक इस जुलूस में शामिल हुए। जुलूस में चल रहे युवक हाथ में ‘आई लव मोहम्मद’ की तख्ती लिए हुए थे। जुलूस में शामिल युवकों की मांग थी कि आई लव मोहम्मद का बोर्ड लगाने वाले युवकों के खिलाफ जो मुकदमा दर्ज किया गया है। उस मुकदमे को वापस लिया जाए। हालांकि कानपुर पुलिस का कहना है कि एफआईआर ‘आई लव मोहम्मद’ का बैनर लगाने के आरोप में नहीं दर्ज की गई है। एफआईआर इस आरोप में दर्ज की गई है कि बिना किसी पूर्व अनुमति के जुलूस निकाला गया और टेंट लगाकर नई परंपरा शुरू की गई थी।
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गोधरा को भी मुस्लिमों ने सुलगाया
गुजरात के गोधरा में इससे मामले को लेकर गत 20 सितम्बर को मुसलमानों ने बवाल किया। मुसलमानों ने गोधरा थाने का घेराव किया। आरोप है कि भीड़ ने पुलिस पर हमला किया। बताया जा रहा है कि वहां पर पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ़्लुएन्सर को पूछताछ के लिए बुलाया था। भीड़ ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाकर थाने का घेराव किया और फिर लोग वहां पर हिंसा पर उतारू हो गये। इसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद भी भीड़ उपद्रव करने पर अमादा थी। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। गोधरा इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बताई जा रही है। पुलिस ने गोधरा में 17 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। बड़ोदरा में भी मुस्लिम युवकों ने तोड़फोड़ की और हिंसक प्रदर्शन किया। पुलिस उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। हैदराबाद में भी हजारों की संख्या में मुस्लिम युवकों ने नारेबाजी की। महाराष्ट्र के अहमदनगर में मुस्लिम महिलाओं ने भारी संख्या में सड़क पर निकल कर नारेबाजी की। उत्तराखंड के काशीपुर में बिना अनुमति के जुलूस निकाला गया। मध्य प्रदेश के इंदौर के चंदन नगर क्षेत्र में ‘आई लव मोहम्मद’ के बैनर-पोस्टर लगाये गये। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में भी पोस्टर लगाये गए।
उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेता राकेश त्रिपाठी कहते हैं, “सरकार धर्म देखकर कार्रवाई नहीं करती है, जो क़ानून तोड़ेगा, उस पर कार्रवाई होगी ही कोई भी ऐसा नारा या स्लोगन अगर कानून के दायरे को पार करेगा, तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। कोई भी पोस्टर, बैनर या स्लोगन कहां पर लिखा जाना है, इसके लिए स्थान निर्धारित है। अगर उसका उल्लंघन हो रहा है और बिना अनुमति के लगाया जा रहा है तो कार्रवाई होगी। जानबूझकर एक अभियान बना कर लोगों की भावनाओं को भड़काने का प्रयास किया जा रहा है, जो ठीक नहीं है।”

















