दुनियाभर के युद्ध अपराधों या दूसरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए विवादों की जांच करने वाले अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। कारण है कि अमेरिका अब ICC पर ‘एंटिटी-वाइड सैंक्शन’ लगाने जा रहा है। इससे अब कोर्ट के एक दो अधिकारी नहीं, बल्कि पूरी संस्था के संचालन पर असर पड़ने वाला है।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने यह कदम इजरायल के संदिग्ध युद्ध अपराधों की जांच के बदले में है, जो ICC की ओर से चल रही है। पहले अमेरिका ने ICC के कुछ अफसरों पर ही सैंक्शन लगाए थे, लेकिन अब बात पूरे कोर्ट पर आ गई है। न्यूज एजेंसी से सूत्रों के हवाले से ये दावा किया है।
कर्मचारियों को 6 माह की एडवांस सैलरी
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ICC के कर्मचारियों को 2025 के बाकी महीनों की सैलरी पहले ही एडवांस में दे दी गई है, ताकि सैंक्शन से नुकसान न हो। तीन सूत्रों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है, लेकिन अब कोर्ट बैंकिंग सेवाओं और सॉफ्टवेयर के लिए वैकल्पिक सप्लायर्स ढूंढ रहा है। क्योंकि अमेरिकी सैंक्शन के बाद आईसीसी के ही बैंक अकाउंट्स और सॉफ्टवेयर सब कुछ फ्रीज हो जाएंगे।
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अमेरिका का रुख: ‘राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा’
अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता ने कहा कि ICC अमेरिका और इजरायल के कर्मियों पर ‘दावा किया गया अधिकार’ जता रहा है। उन्होंने चेतावनी दी, “जब तक ICC हमारी राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा बनेगा, हम अपने सैनिकों और दूसरों की रक्षा के लिए और कदम उठाएंगे।” विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे सख्त लहजे में ‘राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा’ बताया, जो अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ‘लॉफेयर’ का हथियार बन गया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि पूरे कोर्ट पर सैंक्शन पर विचार हो रहा है, लेकिन समय की डिटेल नहीं दी।
गौरतलब है कि हाल ही ICC ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट और हमास के कुछ नेताओं पर गाजा युद्ध में अपराधों के आरोप लगाए हैं। अमेरिका और इजरायल ICC के सदस्य नहीं हैं, लेकिन कोर्ट फिलिस्तीन को इसका सदस्य मानता है, इसलिए वहां के इलाके पर उसका अधिकार है – यही बात दोनों देशों को चुभ रही है।
2002 में स्थापित यह हेग स्थित कोर्ट जेनोसाइड, मानवता के खिलाफ अपराध और युद्ध अपराधों की जांच करता है। पहले भी अमेरिका ने ICC के मुख्य अभियोजक करीम खान पर सैंक्शन लगाए थे, जो फिलहाल यौन उत्पीड़न के आरोपों के कारण छुट्टी पर हैं। ये जांचें इजरायल और अमेरिका के अफगानिस्तान अभियान से जुड़ी हैं।
















