बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों के ठीक पहले एक बड़ी कार्रवाई हुई है। गैंगस्टर रईस खान और उसके तीन साथियों को बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने सिवान में छापेमारी करके गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान AK-47 राइफलों के 47 जिंदा कारतूस और दूसरे हाई-टेक हथियार बरामद हुए। ये सब कुछ रविवार को पांच घंटे लंबी ऑपरेशन में हुआ।
गिरफ्तारी की पूरी डिटेल
सिवान के हाइडआउट्स पर STF ने रईस खान को उसके साथियों मुनना मियां, आफताब आलम और एक चौथे व्यक्ति के साथ पकड़ा। चौथे की पहचान अभी वेरिफाई हो रही है। इस ऑपरेशन की कमान खुद सरन रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) नीलेश कुमार ने संभाली। उन्होंने बताया कि रईस के खिलाफ 43 क्रिमिनल केस दर्ज हैं, जबकि आफताब के नाम पर 6 और मुनना पर 3 केस हैं। ये लोग लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय हैं।
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भारी मात्रा में मिले हथियार
बरामद हथियारों में AK-47 के 47 कारतूस तो थे ही, कुछ दूसरे सोफिस्टिकेटेड वेपन्स भी मिले। DIG ने कहा कि इनमें से एक हथियार तो 2023 में सिवान में मारे गए एक पुलिस कांस्टेबल से लूटा गया लगता है। वो कांस्टेबल वाल्मीकि यादव थे, जिनकी गोलीबारी में मौत हो गई थी। उस वक्त कई हथियार लूट लिए गए थे, और अब वो उसी का कुछ हिस्सा लग रहा है। पूछताछ जारी है।
रईस और उसके भाई अयूब खान, जिन्हें ‘खान ब्रदर्स’ कहते हैं, कभी RJD के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के करीबी थे। लेकिन बाद में नाता टूटा और उन्होंने अपना अलग क्रिमिनल नेटवर्क खड़ा कर लिया। अयूब पर 2022 में सिवान में विशाल सिंह, प्रमोद सिंह और अंशु सिंह की हत्याओं का आरोप है। रईस ने पटना हाईकोर्ट में बेल के लिए याचिका दी थी, लेकिन रिजेक्ट हो गई। फिर सरेंडर किया और बेल मिली।













