केंद्र सरकार ने लोगों की जिंदगी को आसान करते हुए पिछले दिनों जीएसटी की दरों में ऐतिहासिक कटौती की थी, जो देश में अब लागू हो चुका है। 22 सितंबर 2025 की रात 12 बजे से ही नई दरें लागू हो गई हैं। इसी के साथ करीब 375 चीजों और सेवाओं पर टैक्स कटिंग हुई है, ताकि हम जैसे आम लोग, किसान भाई और छोटे-मोटे व्यापारियों को राहत मिले। सरकार के इस फैसले से रसोई के चावल-दाल से लेकर टीवी-फ्रिज, दवाइयों तक सब सस्ता हो गया। नवरात्रि शुरू होते ही ऑटो कंपनियां बाइक-कारों के दाम घटाने वाली हैं, पानी की बोतलें और दूध भी सस्ते मिलेंगे। त्योहारों में शॉपिंग का मजा दोगुना हो जाएगा। जीएसटी काउंसिल ने ये फैसला लिया, ताकि निम्न-मध्य वर्ग को राहत मिले। अब ज्यादातर चीजें 5% या 18% स्लैब में आ गईं, विलासिता वाली 40% पर।
क्या-क्या सस्ता हुआ
दाल-रोटी अब जेब पर भारी नहीं पड़ेगी
घर में रोज बनने वाली रोटी-दाल का स्वाद तो वही रहेगा, लेकिन कीमत घट जाएगी। पैकेट वाला आटा, चावल, दाल, बिस्कुट और नमकीन पहले 12% या 18% टैक्स में फंसे थे। अब सब 5% पर आ गए। इससे अब चार लोगों वाले परिवार को महीने में करीब 1,800 रुपये बचेंगे, साल भर में तो 40,000 तक। इसके अलावा किसान भाइयों को डेयरी प्रोडक्ट्स और खेती के सामान पर भी राहत मिली, जैसे उर्वरक सस्ते।
साबुन-शैंपू से लेकर टूथपेस्ट सस्ता
साबुन, तेल, टूथपेस्ट, डिटर्जेंट और शैंपू पर पहले 18% टैक्स लगता था, जो अब 5% हो गया है। साइकिल और उसके पार्ट्स भी 12% से 5% पर, बच्चों की साइकिलिंग सस्ती।
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कपड़े-जूते अब बजट फ्रेंडली
रेडीमेड कपड़े और जूते जो तय सीमा से महंगे थे, उन पर पहले 12-18% टैक्स पड़ता। अब 5% हो गया है। यानि कि महीने में 5,000 रुपये के कपड़े-जूते लेने पर पहले 900 रुपये टैक्स, अब 250। यानि कि अब से बचत 650 रुपये होगी। टीवी, एसी, फ्रिज जैसे बड़े सामान पहले 28% टैक्स में डूबे थे। अब 18% हो गए हैं।
दवाइयों पर भी राहत
बीमारी तो सबको सताती है, लेकिन अब दवाओं के दाम कम हो गए हैं। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों समेत 33 जीवनरक्षक दवाओं पर पहले 12% टैक्स, अब ये जीरो हो गया है।
बीमा पॉलिसी अब बिना टैक्स
स्वास्थ्य और लाइफ इंश्योरेंस पर पहले 18% टैक्स लगता, जो प्रीमियम महंगा कर देता। अब इसे भी खत्म कर दिया गया है। जिससे अब छोटे परिवार भी पॉलिसी ले सकेंगे। इसके अलावा सैलून-जिम जैसी सेवाएं भी कुछ सस्ती, लेकिन ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर 18% टैक्स रहेगा। बाइक-कारें सस्ती हो गई हैं। छोटी कारें 18%, बड़ी 28% पर, लेकिन ओवरऑल राहत। सीमेंट रेशनलाइज्ड, बिल्डिंग सस्ती।













