पूर्व आईपीएस अधिकारी देवेन्द्र कुमार पांडा को साइबर फ्रॉड ने मोबाइल लिंक भेजकर चार बार उनके बैंक खाते से कुल 4 लाख 32 हजार रुपये निकाल लिए। पांडा ने बताया कि उन्हें इंडियन बैंक मुंडेरा शाखा का टोल फ्री नंबर खोजते समय एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप लिंक भेजा।
ठगी की प्रक्रिया और रकम का विवरण
साइबर फ्रॉड ने पांडा से फोन पर बातचीत करते हुए उनके यूको बैंक सेविंग खाते से चार ट्रांजेक्शन किए। पहली बार में 1 लाख 95 हजार, दूसरी बार 95 हजार, तीसरी बार 98 हजार और चौथी बार 44 हजार रुपये निकाले गए।
एफआईआर और जांच की प्रगति
देवेन्द्र कुमार पांडा ने 10 सितंबर को पुलिस को शिकायत दी थी। 15 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई और मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई। पुलिस के पास ठगी करने वाले का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध है।
पांडा का विवादित पुलिस इतिहास
देवेन्द्र कुमार पांडा उत्तर प्रदेश के विवादित पुलिस अधिकारियों में शामिल रहे हैं। 2005 में उन्होंने खुद को “दूसरी राधा” होने का दावा किया था। उस समय सरकार ने उनकी सेवा समाप्त करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा और गंभीरता देखते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी गई।
स्थानीय निवास और घटना का संदर्भ
पांडा प्रयागराज जनपद के प्रीतम नगर मोहल्ले में लंबे समय से रह रहे हैं। ठगी के समय वह बैंक के टोल फ्री नंबर की खोज कर रहे थे, इसी दौरान ठगी हुई।

















