छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से सनातन धर्म में घर वापसी का मामला प्रकाश में आया है। जहां, बस्तर रेंज के वनवासियों के कन्वर्जन के खिलाफ पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की विधायक भावना बोहरा ने एक घर वापसी समारोह आयोजित किया, जिसमें 70 लोगों ने दोबारा से सनातन धर्म अपना लिया।
जिले के कुई-कुकदूर स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति छात्रावास परिसर में सेवा दिवस के एक हिस्से के तौर पर आयोजित इस कार्यक्रम में वनवासी समुदाय से आने वाले लोगों ने दोबारा से अपने मूल को स्वीकारा। इस दौरान भाजपा विधायक ने लोगों का सम्मान करते हुए उनके चरण पखारे और उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान झूमर, बोहिल, अगरपानी, नेउर और छिंदीडीह सहित कई गाँवों से लोग शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश और प्रयास है कि वनवासी समुदायों का उत्थान हो और उनकी विशिष्ट पहचान का सम्मान और संरक्षण करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा में लाएं।
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वनवासी संस्कृति हमारी धरोहर और पहचान है
इसको लेकर विधायक बोहरा ने एक एक्स पोस्ट में कहा, “सेवा दिवस के अवसर पर आज विशेष पिछड़ी जनजाति छात्रावास मैदान, कुई-कुकदुर में आयोजित संस्कृति गौरव सम्मान एवं अभिनंदन समारोह में घर वापसी करने वाले ग्राम झूमर, बोहिल,आगरपानी, नेउर और छिंदीडीह के 70 जनजाति समाज के लोगों के पैर पखारकर अभिनंदन एवं स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में वनवासी समाज की संस्कृति व धरोहरों के संरक्षण हेतु किए गए प्रयासों का परिणाम है कि पंडरिया विधानसभा के 70 जनजातीय भाई-बहनों ने अपने मूल धर्म को अपनाया।”
सेवा दिवस के अवसर पर आज विशेष पिछड़ी जनजाति छात्रावास मैदान, कुई-कुकदुर में आयोजित संस्कृति गौरव सम्मान एवं अभिनंदन समारोह में घर वापसी करने वाले ग्राम झूमर, बोहिल,आगरपानी, नेउर और छिंदीडीह के 70 जनजाति समाज के लोगों के पैर पखारकर अभिनंदन एवं स्वागत किया।
मा. प्रधानमंत्री श्री… pic.twitter.com/dMrLQ5Xk6X
— Bhawna Bohra (@BhawnaBohrabjp) September 17, 2025
एक अन्य पोस्ट में भाजपा विधायक कहती हैं कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति हमारी धरोहर और पहचान है। इसके उत्थान व संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास हमारी प्रतिबद्धता है।
घर वापसी जबरन कन्वर्जन के खिलाफ अभियान
बोहरा कहती हैं कि घर वापसी अभियान विदेशों से वित्त पोषित एनजीओ और मिशनरियों के द्वारा लोगों को लालच और गलत सूचनाओं के जरिए कन्वर्जन करने के खिलाफ है। घर वापसी केवल धर्म के लिए ही नहीं है, वरन ये एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जागृति के लिए भी है।
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धर्मान्तरण विरोधी कानून लाने पर काम कर रही सरकार
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार अवैध तरीके से कन्वर्जन करवाने वालों पर नकेल कसने के लिए एक मजबूत धर्मान्तरण विरोधी कानून लाने पर काम कर रही है। ताकि वनवासियों को बल या छल से बचाया जा सके। क्योंकि ये मामला केवल आदिवासी परंपरा की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है, जो जल, जंगल और जमीन के संतुलन को बनाए रखती है।
















