देहरादून । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखण्ड में हाल ही में हुई आपदा की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की प्रगति पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दूरभाष पर चर्चा की। गृह मंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली और राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में केंद्र सरकार राज्य के साथ मजबूती से खड़ी है और प्रभावित जनता को शीघ्र राहत दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र का जताया आभार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया और अवगत कराया कि राज्य प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में पूरी तत्परता से जुटा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड जल्द ही इस कठिन परिस्थिति से उबर जाएगा।
काठगोदाम में आपदा प्रबंधन समीक्षा बैठक
सर्किट हाउस काठगोदाम, हल्द्वानी में मुख्यमंत्री ने आपदा से हुई क्षति, विद्युत, पेयजल और मोटर मार्गों की अद्यतन स्थिति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित जनता को त्वरित राहत और समयबद्ध पुनर्निर्माण कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आपदा से हुई क्षति और चुनौतियां
मंडलायुक्त कुमायूं और जिलाधिकारी नैनीताल ने बताया कि आपदा से भारी नुकसान हुआ है। नैनीताल की लोअर मॉल रोड धंसने, बागेश्वर में पुलों की क्षति, रानीबाग पावर हाउस की समस्या, ओखलकांडा और धारी ब्लॉक मार्गों के अवरोध और राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन जैसी गंभीर चुनौतियां सामने आई हैं। अब तक नैनीताल जिले में आपदा से हुई कुल क्षति का आकलन लगभग 443 करोड़ रुपये किया गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश और प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष असामान्य वर्षा और भूस्खलन के कारण राज्य के लगभग सभी जनपद प्रभावित हुए हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग और राज्य के संसाधनों का उपयोग कर तेजी से पुनर्निर्माण कार्य किए जाएं। उन्होंने एक माह के भीतर सड़कों का पैचवर्क पूरा करने, जल निकायों के मार्गों को संरक्षित करने और अतिक्रमण हटाने पर जोर दिया।
जिम्मेदारी और समयबद्धता पर बल
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हर विभाग और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी तय करे और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुनर्निर्माण के प्रयासों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की साझा भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
सिंचाई विभाग और अन्य निर्देश
सीएम ने सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता को जलाशयों में de-silting कार्य की ठोस योजना बनाने के निर्देश दिए। सुशीला तिवारी अस्पताल के UPNL कर्मियों के लंबित वेतन का मुद्दा उठने पर उन्होंने तत्काल समाधान के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य और जन समस्याओं पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान जलभराव से बढ़ने वाले जलजनित रोगों की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग को व्यापक तैयारी करने को कहा। सभी चिकित्सा केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए।
जन निवारण शिविरों का आयोजन
धामी ने जन समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु जन निवारण शिविर एवं बहुउद्देशीय शिविरों के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी क्षेत्र पंचायतों की बैठकों में अनिवार्य रूप से भाग लें और जनता मिलन कार्यक्रम लगातार संचालित करें।
बैठक में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि
बैठक में अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत, डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, दीवान सिंह बिष्ट, राम सिंह केड़ा, प्रमोद नैनवाल, दायित्वधारी डॉ. अनिल डब्बू, दीपक महरा और शंकर कोरंगा सहित सभी मंडलीय अधिकारी मौजूद रहे।

















