अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। डूसू अध्यक्ष पद पर आर्यन मान ने 16196 मतों के अंतर से, सचिव पद पर कुणाल चौधरी ने 7662 मतों के अंतर से और संयुक्त सचिव पद पर दीपिका झा ने 4445 मतों के अंतर से जीत हासिल की।
राष्ट्रीय महामंत्री का बयान
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि यह जीत लोकतंत्र और छात्रों की राष्ट्रनिष्ठ चेतना की जीत है। विद्यार्थियों ने शिक्षा क्षेत्र के मुद्दों को प्रमुखता दी और कांग्रेस व एनएसयूआई द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और जाति-क्षेत्र आधारित राजनीति को नकार दिया।
डूसू अध्यक्ष आर्यन मान का संदेश
आर्यन मान ने कहा कि यह जीत जेन्ज़ी पीढ़ी की राष्ट्रभक्ति, पारदर्शिता और ईमानदारी के मूल्यों का प्रतीक है। छात्रों ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे देशविरोधी और भ्रष्ट तत्वों को विश्वविद्यालय परिसर में स्वीकार नहीं करेंगे।
सचिव कुणाल चौधरी का दृष्टिकोण
कुणाल चौधरी ने बताया कि यह परिणाम युवाओं की जागरूकता और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने का प्रमाण है। छात्र नेताओं की यह जीत भ्रष्टाचार और अवसरवाद के खिलाफ विद्यार्थी संकल्प की गूंज है।
संयुक्त सचिव दीपिका झा का बयान
दीपिका झा ने कहा कि अभाविप ने छात्राओं को हमेशा सशक्त प्रतिनिधित्व दिया है। उनकी जीत संगठन की रणनीति और कार्यकर्ताओं के समर्पण का परिणाम है। यह केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्राओं का विश्वास है।
गोविंद तंवर का समर्थन
अभाविप से डूसू उपाध्यक्ष प्रत्याशी रहे गोविंद तंवर ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव में मिली जीत विद्यार्थियों की वास्तविक आवाज को मजबूती देगा। सभी छात्रों द्वारा दिया गया जनादेश छात्र नेताओं के लिए जिम्मेदारी का प्रतीक है।

















