देशभर में 22 सितंबर 2025 से जीएसटी (GST) से जुड़े नए नियम लागू हो रहे हैं। जीएसटी काउंसिल की 3 सितंबर को हुई बैठक में कई जरूरी फैसले लिए गए थे, जिनमें कई वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स की दरों में बदलाव किया गया। इन बदलावों का सीधा असर आम जनता पर पड़ने वाला है। खासकर रोजमर्रा की जरूरत की चीजें जैसे खाने-पीने का सामान, वस्त्र, और घरेलू उपयोग की वस्तुएं सस्ती होने जा रही हैं। इसी के साथ एक बड़ा सवाल लोगों के मन में यह है कि क्या एलपीजी सिलेंडर भी सस्ता होगा? चूंकि एलपीजी पर भी जीएसटी लगाया जाता है, इसलिए यह जानना जरूरी है कि 22 सितंबर से इसके दाम में कोई बदलाव होगा या नहीं।
घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर में फर्क- एलपीजी सिलेंडर का उपयोग दो तरह से होता है- एक घरेलू जरूरतों के लिए, और दूसरा व्यावसायिक उपयोग के लिए जैसे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, फूड ट्रक आदि में। घरेलू एलपीजी सिलेंडर- यह आमतौर पर हर घर में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसमें सब्सिडी वाला और गैर-सब्सिडी वाला सिलेंडर आता है। कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर- यह रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल, फूड ट्रक, कैंटीन और उद्योगों में इस्तेमाल होता है। इन दोनों प्रकार के सिलेंडरों पर अलग-अलग जीएसटी की दरें लागू होती हैं।
3 सितंबर 2025 को हुई जीएसटी काउंसिल की 53वीं बैठक में यह साफ किया गया कि एलपीजी सिलेंडर पर लगने वाले जीएसटी की दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि 22 सितंबर से भी एलपीजी सिलेंडर पर वही पुरानी दरें लागू रहेंगी। घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर जीएसटी- सब्सिडी वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर- 5% जीएसटी, गैर-सब्सिडी वाला घरेलू एलपीजी सिलेंडर- 5% जीएसटी, कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर जीएसटी, होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट- 18% जीएसटी, फूड ट्रक, कैंटीन, मेस किचन- 18% जीएसटी, उद्योगों में हीटिंग कार्य के लिए उपयोग- 18% जीएसटी। क्या एलपीजी सिलेंडर सस्ता होगा- इस सवाल का जवाब है- नहीं। क्योंकि जीएसटी की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। घरेलू और व्यावसायिक दोनों ही सिलेंडर पहले जितने महंगे थे, उतने ही रहेंगे। हां, अगर सरकार भविष्य में सब्सिडी बढ़ाने या तेल कंपनियों द्वारा कीमतों में कटौती का निर्णय लेती है, तभी आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।












