इजरायल और आतंकी संगठन हमास के बीच पिछले डेढ़ साल से चल रहा युद्ध समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। इजरायली बंधकों को मुक्त कराने के लिए शुरू किए गए अभियान के इतने समय के बाद भी पूरी तरह से बंधकों को मुक्त नहीं कराया जा सका है। वो अलग बात है कि पूरा गाजा सिटी मलबे का ढेर बन गया है। संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक महीने में गाजा सिटी से 2 लाख 50 हजार से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं। लोग अपनी जिंदगी की आखिरी निशानियां समेटे सड़कों पर भटक रहे हैं। इजरायली सेना की नई कार्रवाई ने गाजा को फिर से नर्क बना दिया है, जहां हर रोज सैकड़ों बम गिर रहे हैं।
गाजा पर पूर्ण कब्जा चाहता है इजरायल
इजरायली तोपखाने, टैंक और जंगी विमानों ने गाजा सिटी को निशाना बनाया है। संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी के अनुसार, इस हफ्ते के शुरुआत में 72 घंटों में ही 60 हजार लोग भागने को मजबूर हो गए। सेना अब शहर के पूर्वी इलाकों पर कब्जा कर चुकी है और शेख रदवान व तेल अल-हवा इलाकों में घुस रही है। उनका मकसद शहर के बीच और पश्चिमी हिस्सों पर कब्जा करना है। बुधवार को इजरायली सेना ने गाजा पट्टी के बीच से दूसरा निकासी रास्ता खोला, जो 48 घंटों के लिए था। कर्नल अविचाय अद्राई ने इसे ‘मानवीय रास्ता’ बताया, लेकिन हकीकत में ये लोगों को दक्षिण की ओर धकेलने का बहाना लगता है।
सेना ऊपर से पर्चे गिरा रही है, जिसमें लोगों से अपील है कि वे दक्षिण गाजा के ‘मानवीय क्षेत्र’ में चले जाएं। लेकिन ये क्षेत्र पहले से ही हजारों शरणार्थियों से भरा पड़ा है। इजरायली अधिकारियों का दावा है कि गाजा सिटी ‘हमास का गढ़’ है और ड्रोन निगरानी से पता चला है कि 4 लाख 50 हजार तक लोग पहले ही निकल चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: बच्चे सबसे ज्यादा खतरे में
यूनिसेफ की रोजालिया बोलन ने दक्षिण गाजा के हालात पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि वहां जिस इलाके में लोगों को भेजा जा रहा है, वो रेतीले टीले हैं – भीड़भाड़ वाले, जो अभी बसावट के लिए तैयार नहीं हैं और असुरक्षित हैं। इतनी बड़ी संख्या में बेघर परिवारों को वहां रखना ठीक नहीं। गाजा सिटी में बचे लाखों लोग, जिनमें आधे बच्चे हैं, वो तो हवाई हमलों की चपेट में हैं।” ये बच्चे, जो खेलना चाहते हैं, वो अब बमों की छाया में सिहर रहे हैं। पिछले 24 घंटों में इजरायली हमलों से 79 फिलिस्तीनी मारे गए, ज्यादातर गाजा सिटी में। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर 2023 के हमास हमले (जिसमें 1200 लोग मारे गए, 251 बंधक बने) के बाद इजरायल की जवाबी कार्रवाई में 65 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, इनमें से अधिकतर आम नागरिक हैं। इसके अलावा 1 लाख 60 हजार से ज्यादा घायल हैं। संयुक्त राष्ट्र की जांच समिति ने इजरायल पर गाजा में नरसंहार का आरोप लगाया, जिसे इजरायल ने ‘झूठा’ बताया।
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गाजा में तबाही के आंकड़े जारी करता गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय
गाजा में इजरायल के द्वारा किए जा रहे हमलों को लेकर आंकड़े गाजा का स्वास्थ्य मंत्रालय जारी करता है। आपको लगता होगा कि स्वास्थ्य मंत्रालय निष्पक्ष होगा। लेकिन, खास बात ये है कि इस स्वास्थ्य मंत्रालय का संचालन कोई और नहीं आतंकी संगठन हमास करता है। वही हमास, जिसने इजरायल में घुसकर नरसंहार किया था। ऐसे में गाजा में मरने वालों के जो आंकड़े वो जारी करता है उस पर संदेह पैदा होता है। इसके अलावा गाजा में वर्षों से डेरा जमाए बैठी संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों पर भी हमास के साथ मिले होने का आरोप है।

















