उत्तराखंड का अगला दशक मोदी-धामी सरकार के हाथ मजबूत करने पर निर्भर : भगत सिंह कोश्यारी
देहरादून । उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि अगला दशक उत्तराखंड का तभी होगा जब डबल इंजन की मोदी-धामी सरकार को और मजबूती मिले। उन्होंने चार वर्षों में धामी सरकार की उपलब्धियों की लंबी सूची गिनाते हुए सीएम धामी को सफल और लोकप्रिय बताया।
सीएम धामी की लोकप्रियता और नेतृत्व शैली
कोश्यारी ने कहा कि विपक्षी नेता ही नहीं, बल्कि कार्यकर्ता तक व्यक्तिगत तौर पर सीएम धामी की आलोचना नहीं करते। उनका व्यवहार सरल है और वह अच्छे गुणों को सहजता से अपनाते हैं। जरूरत पड़ने पर सख्ती बरतने के बावजूद चार वर्षों में किसी ने उन्हें कठोर बोलते नहीं देखा।
योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसहभागिता पर जोर
उन्होंने योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और उनमें जनसहभागिता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि धामी सरकार विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रही है और जनता के बीच विश्वास कायम कर रही है।
यूसीसी पर धामी सरकार का साहसिक कदम
यूसीसी की कमेटी की सदस्य दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि यूसीसी पर सीएम धामी का कदम बेहद साहसिक था। चुनौतियों और आशंकाओं के बावजूद उत्तराखंड ने इसे लागू कर दिखाया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षा में सुधार
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को राज्य में बेहतर ढंग से लागू करने में धामी सरकार ने शानदार काम किया है। स्कूली, उच्च और दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में राज्य ने चार वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और साइंस सिटी परियोजना
यूकाॅस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवाचार को लेकर सरकार गंभीर है। सीएम धामी समय-समय पर योजनाओं की मॉनीटरिंग करते हैं। देश की पांचवीं साइंस सिटी अगले साल तक उत्तराखंड में स्थापित हो जाएगी।
नकल विरोधी कानून और पारदर्शिता
मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. गोविंद सिंह ने कहा कि नकल पर सख्त कानून लाकर धामी सरकार ने नियुक्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित की है। ऐसा कठोर नकल विरोधी कानून किसी और राज्य में नहीं है।
धर्मांतरण विरोधी कानून और उच्च शिक्षा में सुधार
दून विश्वविद्यालय के डीन प्रो. हरीश चंद्र पुरोहित ने धर्मांतरण विरोधी कानून पर अपने विचार रखे। पूर्व उप निदेशक प्रो. गोविंद सिंह रजवार ने कहा कि चार वर्षों में राज्य में उच्च शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है।
कलाकारों और साहित्यकारों के लिए प्रोत्साहन
हिंदी अकादमी दिल्ली के पूर्व सचिव डॉ. हरिसुमन बिष्ट ने कहा कि उत्तराखंड पहला राज्य है जहां कलाकारों और साहित्यकारों को एक से पांच लाख रुपये तक का पुरस्कार दिया जा रहा है।

















