वामपंथियों और कांग्रेसियों को भारत की कोई भी उपलब्धि सुहाती नहीं है। इस कारण ये लोग किसी अच्छे कार्य का भी विरोध करने लगते हैं। और उनके विरोध के बाद भी कोई वह कार्य करता है, तो ये लोग पुलिस से शिकायत भी करते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ केरल में। गत दिनों कुछ भक्तों ने ओणम के अवसर पर केरल के प्रसिद्ध पार्थसारथी मंदिर प्रांगण में फूलों की रंगोली (पुक्कलम) बनाई और उसके नीचे फूलों से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लिखा। जैसे ही इसकी जानकारी फैली माकपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और उन्होंने पुलिस को बुला लिया।
पुलिस ने फूलों की रंगोली हटाने को कहा। जब श्रद्धालुओं ने इनकार कर दिया, तो पुलिस ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास का आरोप लगाते हुए एक सैनिक अशोक सहित लगभग 25 स्थानीय निवासियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया। कहा जा रहा है कि इस मंदिर का संचालन माकपा और कांग्रेस के संयुक्त नेतृत्व वाली एक समिति करती है। आरोप है कि इस समिति ने मंदिर के श्रद्धालुओं को राजनीतिक आधार पर विभाजित कर दिया है।
यही कारण है कि समिति के लोग किसी भी अनुष्ठान का विरोध करने लगे हैं। लोगों ने बताया कि पहले भी इस मंदिर में फूलों की रंगोली बनाई जाती रही है, लेकिन कभी किसी ने उसका विरोध नहीं किया। अब स्थितियां बहुत बदल चुकी हैं। कई हिंदुत्वनिष्ठ संगठनों ने घोषणा की है कि वे आने वाले दिनों में मंदिर समिति द्वारा किए जा रहे तुच्छ राजनीतिक प्रतिशोध के विरोध प्रदर्शन तेज करेंगे।
















