एक बार फिर दुनिया के सामने पाकिस्तान का असली चेहरा सामने आ गया है। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पाकिस्तान की पोल इस बार जैश-ए-मोहम्मद के एक बड़े कमांडर ने ही खोल दी है। इस कमांडर का नाम है मसूद इलियासी कश्मीरी, जिसने खुद यह स्वीकार किया है कि भारत में दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े आतंकी हमलों के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर ही था।
मसूद अजहर ने पाकिस्तान से बैठकर रची साजिश- मसूद इलियासी कश्मीरी ने एक वीडियो में बताया कि मसूद अजहर जब भारत की दिल्ली की जेल से रिहा हुआ, तब वह पाकिस्तान गया और वहां से आतंकी साजिशों को अंजाम देने लगा। उसने पाकिस्तान के बालाकोट इलाके में अपने मिशन को आगे बढ़ाने की योजना बनाई। इस मिशन में भारत के बड़े शहरों दिल्ली और मुंबई में आतंकी हमले करना शामिल था। कश्मीरी ने साफ-साफ कहा कि, “दिल्ली की जेल से छूटने के बाद, अमीर-उल-मुजाहिदीन मौलाना मसूद अजहर पाकिस्तान पहुंचा। वहां बालाकोट की धरती पर उसे अपने लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद मिली, जिसमें भारत के खिलाफ आतंकी हमले शामिल थे।”
पाकिस्तान का झूठ एक बार फिर उजागर- मसूद इलियासी कश्मीरी के इस कबूलनामे के बाद पाकिस्तान के पास अब कोई बहाना या सफाई देने की गुंजाइश नहीं बचती। पाकिस्तान हमेशा यह कहता रहा है कि उसकी सरजमीं पर कोई आतंकी संगठन नहीं है, और वह आतंकवाद का समर्थन नहीं करता। लेकिन अब जैश-ए-मोहम्मद के ही एक वरिष्ठ सदस्य ने यह साफ कर दिया है कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह भी देता है और उनकी मदद भी करता है। भारत लगातार यह कहता रहा है कि पाकिस्तान में आतंकी कैम्प चल रहे हैं, और ये शिविर पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसियों की निगरानी में संचालित हो रहे हैं। अब मसूद इलियासी कश्मीरी के बयान से भारत का यह दावा पूरी तरह से सच साबित हुआ है।
मसूद अजहर कौन है- मसूद अजहर वही आतंकी है जिसे भारत ने 1999 में कंधार विमान अपहरण कांड के दौरान यात्रियों की जान बचाने के लिए छोड़ा था। जेल से रिहा होने के बाद, वह पाकिस्तान चला गया और वहां जैश-ए-मोहम्मद जैसे खतरनाक आतंकी संगठन को और मजबूत बनाया। उसने कई बड़े आतंकी हमलों की योजना बनाई और उन्हें अंजाम भी दिया।

















