पहलगाम आतंकी हमले के बाद आतंकवाद के विरुद्ध भारत की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाइयों में शामिल “ऑपरेशन सिंदूर” की पहली बरसी पर देश एक बार फिर उन ऐतिहासिक क्षणों को याद कर रहा है, जब भारतीय सशस्त्र बलों ने सीमाओं के पार जाकर आतंक के ठिकानों को ध्वस्त कर दुनिया को नए भारत की शक्ति का परिचय कराया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन प्रकाशमान स्मृतियों को याद करते हुए सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रोफाइल तस्वीर बदलकर “ऑपरेशन सिंदूर” को याद किया है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री की नई प्रोफाइल तस्वीर को भारतीय सैनिकों के शौर्य, बलिदान और पहलगाम हमले में मारे गए निर्दोष नागरिकों के प्रति सम्मान के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक और सामरिक हलकों में इसे एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि आतंकवाद के विरुद्ध भारत की नीति अब पूरी तरह निर्णायक और आक्रामक स्वरूप ले चुकी है।
A year ago, during #OperationSindoor, our armed forces showcased their valour and gave a firm response to those who attacked our people. Every Indian is proud of our armed forces. As a mark of respect to our forces and their success during #OperationSindoor, let us all change our… pic.twitter.com/w4A3j1bGTw
— Narendra Modi (@narendramodi) May 7, 2026
पहलगाम हमला बना निर्णायक कार्रवाई की वजह
दरअसल, वर्ष 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। घटना के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया और केंद्र सरकार पर आतंकवाद के विरुद्ध कठोर कार्रवाई का दबाव बढ़ा। इसके बाद भारत ने सैन्य, कूटनीतिक और रणनीतिक स्तर पर व्यापक तैयारी शुरू की। इसके बाद 7 मई 2025 को भारतीय सशस्त्र बलों ने “ऑपरेशन सिंदूर” लॉन्च किया। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के लॉन्चपैडों और प्रशिक्षण केंद्रों को निशाना बनाया गया।
भारतीय सेना ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के नौ प्रमुख ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे। भारतीय सेना ने अत्यंत सटीक रणनीति, आधुनिक तकनीक और वास्तविक समय की खुफिया जानकारी का उपयोग करते हुए अभियान को अंजाम दिया। इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत अब आतंकवाद को उसकी जड़ों तक जाकर जवाब देने की नीति पर आगे बढ़ चुका है।
ऑपरेशन सिंदूर में भारत को मिली असाधारण विजय हमारे वीर सैनिकों के अद्भुत पराक्रम और देशभक्ति की प्रेरक मिसाल है। उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा पर हर देशवासी को गर्व है।
उदीर्णमनसो योधा वाहनानि च भारत।
यस्यां भवन्ति सेनायां ध्रुवं तस्यां जयं वदेत्।।… pic.twitter.com/SBZ9EyjIP6
— Narendra Modi (@narendramodi) May 7, 2026
पाकिस्तान की जवाबी कोशिश और भारत का पलटवार
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों और सीमा पार गोलाबारी के जरिए जवाब देने का प्रयास किया। चार दिनों तक दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। जिसमें कि भारतीय सेना ने पूरी मजबूती के साथ जवाबी कार्रवाई की। भारतीय सैन्य कार्रवाई में लाहौर के रडार प्रतिष्ठानों और गुजरांवाला क्षेत्र की सामरिक रडार सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचाया गया। रक्षा विशेषज्ञों ने बताया भी कि कैसे इस कार्रवाई ने पाकिस्तान की निगरानी और जवाबी सैन्य क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित किया।
अंतत: लगातार नुकसान और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक को भारतीय डीजीएमओ से संपर्क करना पड़ा। 10 मई को दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी और संघर्ष समाप्त हुआ। इस पूरे घटनाक्रम ने दुनिया को यह संकेत दिया कि भारत अब सीमित प्रतिक्रियाओं तक सीमित राष्ट्र नहीं रहा।
A year ago, our armed forces displayed unparalleled courage, precision and resolve during #OperationSindoor. They gave a fitting response to those who dared to attack innocent Indians at Pahalgam. The entire nation salutes our forces for their valour.
Operation Sindoor reflected…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 7, 2026
राजनाथ सिंह बोले- राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक बना ऑपरेशन
ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और बलिदान को नमन किया है। उन्होंने इसे “राष्ट्रीय संकल्प और तत्परता का सशक्त प्रतीक” बताया है। रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने अद्वितीय सटीकता, निर्बाध समन्वय और गहरे सामरिक तालमेल का प्रदर्शन किया। उनके अनुसार इस अभियान ने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए नई मिसाल कायम की।
उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते भारत की रक्षा क्षमता और सामरिक मजबूती का प्रमाण है। इस तरह से देखें तो ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी रक्षा तकनीक और आधुनिक सैन्य प्रणालियों का प्रभावी उपयोग भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाता है।
On the anniversary of Operation Sindoor, we salute the valour and sacrifices of our armed forces, whose courage and dedication continue to safeguard the nation. Their actions during the operation reflected unmatched precision, seamless jointness and deep synergy across services,… pic.twitter.com/r8pVDnEoYV
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) May 7, 2026
बदली भारत की वैश्विक और सामरिक छवि
ऑपरेशन सिंदूर के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की स्थिति और मजबूत हुई। कई देशों ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई को आत्मरक्षा का अधिकार बताया। वैश्विक स्तर पर यह धारणा मजबूत हुई कि भारत अब आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक और त्वरित कार्रवाई करने की क्षमता रखने वाला राष्ट्र बन चुका है। अनेक सामरिक मामलों के जानकारों के आज इस संदर्भ में निष्कर्ष मौजूद हैं जो यह मानते हैं कि पिछले वर्षों में भारत ने जिस तेजी से अपनी सैन्य क्षमता, सीमा सुरक्षा और तकनीकी शक्ति को मजबूत किया है, उसका असर अब अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी दिखाई देने लगा है। भारत की विदेश नीति और रक्षा नीति में बढ़ता आत्मविश्वास इसी परिवर्तन का संकेत माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर भी दिखा राष्ट्रभाव
प्रधानमंत्री मोदी की नई प्रोफाइल तस्वीर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर “ऑपरेशन सिंदूर” फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है। बड़ी संख्या में भारत समेत विश्व के कई देशों के लोग इसे भारतीय सेना के पराक्रम को सम्मान देने वाला कदम बता रहे हैं। अनेक पूर्व सैन्य अधिकारियों और रणनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि यह एक सैन्य अभियान होने के साथ ही आतंकवाद के खिलाफ भारत की नई नीति का सार्वजनिक उद्घोष था।
पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ ऑपरेशन सिंदूर आज भारत की सैन्य शक्ति, राजनीतिक इच्छाशक्ति और राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक बन चुका है। इसकी पहली बरसी पर देश उन सैनिकों को याद कर रहा है, जिन्होंने सीमाओं पर खड़े होकर यह साबित किया कि भारत अपनी सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए हर स्तर पर निर्णायक कदम उठाने में सक्षम है।















