नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज 75वां जन्मदिन है। उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। 26 मई 2014 ही वो तारीख थी, जब नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। वह आजाद भारत में पैदा हुए पहले प्रधानमंत्री हैं। उनकी शख्सियत एक वैश्विक नेता की ही नहीं, बल्कि लेखक और कवि की भी है। साहित्य से उनका जुड़ाव गहरा है। यह जुड़ाव उनके व्यक्तित्व के संवेदनशील, भावुक और बौद्धिक पक्ष को उजागर करता है। उनकी पुस्तकें भारतीय भाषाओं के साथ ही अंग्रेजी में भी अनुवादित हो चुकी हैं। कई बार ससंद में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कविताएं पढ़ी हैं।
वह मुखर वक्ता हैं। भाषण और भाव की कला में माहिर हैं। लोकप्रिय जननेता हैं, और कई मौकों पर न सिर्फ खुद की कविताओं को पढ़ते/सुनाते देखे गए हैं, बल्कि अन्य शायरों और लेखकों की रचनाओं को भी सुनाते आए हैं। अक्सर पीएम मोदी अपनी कविताओं को सोशल मीडिया पर साझा भी करते हैं। उन्होंने लंदन के वेस्टमिंस्टर सेंट्रल हॉल में ‘भारत की बात, सबके साथ’ कार्यक्रम में भारतीय समुदाय के लोगों को अपनी कविता ‘रमता राम अकेला’ सुनाई थी। यह कविता गुजराती में लिखी गई है। इसके बाद हॉल में खूब तालियां बजी थीं। कविता इस प्रकार है-

समीसांजनी वेणा: आपणे रमताराम अकेला
मारा आ तमनममां उभरे तरणेतरना मेणा
स्कूली बच्चों के लिए लिखी ‘एग्जाम वॉरियर्स’
अपनी पहली किताब ‘आपातकाल में गुजरात’ उन्होंने उस जमाने में लिखी थी, जब वह युवा थे और गुजरात में आपातकाल के खिलाफ भूमिगत संघर्ष कर रहे थे। यह वह दौर था जब नरेंद्र मोदी संघ से जुड़ हुए थे। इस किताब में नरेंद्र मोदी ने आपातकाल की दुश्वारियों का वर्णन किया है। यह किताब भी गुजराती में है और इसके हिंदी शीर्षक का अर्थ है ‘संघर्ष में गुजरात’ है। किताब में इंदिरा गांधी द्वारा लगाए आपातकाल के खिलाफ मोदी का निजी संघर्ष और किस्से हैं। बाल्यावस्था में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने वाले नरेंद्र मोदी ने संघ के द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिव गोलवलकर जिन्हें ‘गुरुजी’ कहा जाता है, उनके ऊपर भी एक किताब ‘श्री गुरुजी: एक स्वयंसेवक’ लिखी है। यह किताब कई भाषाओं में अनुवादित हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभी तक के प्रधानमंत्रियों में सबसे ज्यादा किताबें लिखी हैं। अटल बिहारी वाजपेयी ने जहां 11 किताबें लिखी थीं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किताबों की संख्या 23 ( इसमें अन्य भाषाओं में अनुवाद भी शामिल) है।

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 3 किताबें और उनकी बेटी एवं भारत की पांचवीं और आठवीं नंबर की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कुल 4 किताबें लिखी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किताबों की पूरी लिस्ट https://www.narendramodi.in/category/ebooks पर उपलब्ध है। यहां उनकी लिखी मूल किताबें और उनके अनुवाद भी लिस्टिड हैं।
PM मोदी द्वारा लिखी किताबों की लिस्ट
-द योगा ऑफ एजुकेशन (अंग्रेजी)
-आंख अ धन्य छे (गुजराती)
-श्री गुरुजी: एक स्वयंसेवक (हिंदी)
-केलवे ते केलवानी (Kelave te Kelavani)- गुजराती
-ज्योतिपुंज (मराठी)
-पत्ररूप श्रीगुरुजी (गुजराती)
-ज्योतिपुंज (गुजराती)
-आपातकाल में गुजरात (हिंदी)
-श्री गुरुजी: एक स्वयंसेवक (गुजराती)
-सामाजिक समरसता (गुजराती)
-कन्विनेंट एक्शन (अंग्रेजी)
-श्री गोविंद गुरु (गुजराती)
-सामाजिक समरसत (हिंदी)
-भावयात्रा (मराठी)
-साक्षी भाव (गुजराती)
-साक्षी भाव (हिंदी)
-ज्योतिपुंज (अंग्रेजी)
-ज्योतिपुंज (हिंदी)
-सोशल हार्मोनी (अंग्रेजी)
-सेतुबंध (हिंदी)
-प्रेमतीर्थ (गुजराती)
-श्री गुरुजी: एक स्वयंसेवक (मराठी)
-संघर्षम गुजरात (गुजराती)
इन किताबों में अन्य भाषाओं में पीएम मोदी की अनुदित किताबें भी शामिल हैं.

















