भारत सरकार द्वारा 1 जून 2020 को शुरू की गई प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना (PM SVANidhi) का उद्देश्य देश के छोटे फुटपाथ विक्रेताओं को आत्मनिर्भर बनाना है। कोविड-19 महामारी के बाद इन वेंडर्स की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई थी, इसलिए सरकार ने उन्हें सस्ते ऋण की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया।
योजना का उद्देश्य- इस योजना का मुख्य उद्देश्य रेहड़ी-पटरी, ठेले और फेरी लगाने वाले विक्रेताओं को आसान शर्तों पर कार्यशील पूंजी ऋण (Working Capital Loan) देना है ताकि वे फिर से अपना व्यवसाय शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
पात्रता- लाभार्थी रेहड़ी-पटरी, ठेला, फेरी आदि लगाकर वस्तुएं या सेवाएं बेचने वाला होना चाहिए। लाभार्थी शहरी क्षेत्रों, अर्ध-शहरी क्षेत्रों या ग्रामीण बाजारों में कार्यरत होना चाहिए। आधार कार्ड और विक्रेता प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो) अनिवार्य है। यदि कोई आधिकारिक पहचान नहीं है, तो ULB (Urban Local Body) द्वारा सत्यापन के बाद लाभ मिल सकता है।
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योजना के लाभ- पहले चरण में वेंडर को ₹10,000 तक का बिना गारंटी ऋण मिलता है, जिसकी पुनर्भुगतान अवधि 1 वर्ष है। समय पर ऋण चुकाने पर वार्षिक 7% की ब्याज सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा की जाती है। यदि वेंडर डिजिटल भुगतान (UPI, QR Code आदि) का उपयोग करता है, तो उसे कैशबैक भी मिलता है। समय पर भुगतान करने पर ₹20,000 और ₹50,000 तक का ऋण भी मिल सकता है।
आवेदन प्रक्रिया-
ऑनलाइन आवेदन- https://pmsvanidhi.mohua.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करने के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, बैंक खाता विवरण, और व्यवसाय संबंधित जानकारी देना होता है। इसके अलावा आप नजदीकी CSC सेंटर जाकर भी आवेदन किया जा सकता है। वहां पर VLE (Village Level Entrepreneur) आपकी मदद करेगा। संबंधित नगर पालिका या नगर निगम कार्यालय में जाकर भी फॉर्म भर सकते हैं।













