इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की आखिरी तारीख अब 16 सितंबर कर दी गई है। इससे लाखों टैक्सपेयर्स को राहत मिली है। लेकिन इस राहत का फायदा अब साइबर ठग उठाने में लग गए हैं। वे ITR रिफंड के नाम पर लोगों को फर्जी ईमेल, मैसेज और कॉल्स भेजकर धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं। अगर आप भी ITR भर रहे हैं या भर चुके हैं, तो सावधान हो जाइए। आइए जानते हैं कि ये ITR फिशिंग स्कैम क्या है, और इससे कैसे बचा जा सकता है।
क्या होता है ITR फिशिंग स्कैम- जब आप इनकम टैक्स रिटर्न ऑनलाइन भरते हैं, तो आप अपनी पर्सनल और फाइनेंशियल जानकारी जैसे पैन नंबर, बैंक डिटेल्स, इनकम का स्रोत आदि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को देते हैं। यही जानकारी साइबर ठग पाने की कोशिश करते हैं। इस स्कैम में होता यह है कि आपके पास एक ईमेल आता है या फिर एसएमएस/व्हाट्सऐप मैसेज। इसमें लिखा होता है कि आपकी ITR प्रोसेस हो गई है और आपको टैक्स रिफंड मिलेगा। नीचे एक लिंक दिया होता है – जैसे “Claim Your Refund Now” या “Update Your Bank Details”। जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, एक नकली वेबसाइट खुलती है जो दिखने में असली इनकम टैक्स साइट जैसी लगती है। वहां आपसे आपका नाम, बैंक खाता नंबर, कार्ड डिटेल्स, ओटीपी आदि मांगे जाते हैं। इन जानकारियों को भरते ही आपका डेटा ठगों के पास चला जाता है और आपके खाते से पैसे निकल सकते हैं।
कैसे होती है इस स्कैम की शुरुआत- ठग इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नाम से मेल भेजते हैं। मेल की भाषा और फॉर्मेट ऐसा होता है कि आपको लगे यह सरकारी मेल है। कुछ मामलों में कॉल करके खुद को इनकम टैक्स ऑफिसर बताकर झांसा देते हैं कि आपकी ITR में कोई गलती है या रिफंड बकाया है। ईमेल या मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही या अटैचमेंट खोलते ही आपके मोबाइल या कंप्यूटर में वायरस या मैलवेयर आ सकता है।
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ऐसे करें इस स्कैम से बचाव- अगर किसी भी ईमेल, मैसेज या वेबसाइट का लिंक आपको संदेहास्पद लगे, तो उस पर क्लिक न करें। हमेशा www.incometax.gov.in जैसी सरकारी वेबसाइट पर ही जाकर जानकारी लें। अगर कोई व्यक्ति खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बता रहा है और आपसे बैंक डिटेल्स मांगता है, तो तुरंत कॉल काटें। कोई सरकारी संस्था कभी भी फोन पर OTP या बैंक जानकारी नहीं मांगती। ऑनलाइन टैक्स पेमेंट करते समय केवल ऑफिशियल वेबसाइट का ही उपयोग करें। डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान करना अधिक सुरक्षित होता है क्योंकि इनमें बेहतर सुरक्षा और शिकायत निवारण की व्यवस्था होती है।
अलर्ट्स ऑन रखें- अपने मोबाइल और पेमेंट ऐप्स में ट्रांजेक्शन अलर्ट ऑन रखें ताकि किसी भी अनजान गतिविधि की तुरंत जानकारी मिल सके। एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें। अपने मोबाइल और कंप्यूटर में अच्छा एंटी-वायरस इंस्टॉल करें ताकि फर्जी वेबसाइट्स और मैलवेयर से बचा जा सके।

















