शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिजोरम की राजधानी आइजोल से तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही आइजोल पहली बार भारत के बाकी हिस्सों से रेल मार्ग से जुड़ गया। यह एक ऐतिहासिक पल है क्योंकि अब मिजोरम की राजधानी भी देश के रेल नेटवर्क में शामिल हो गई है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम- प्रधानमंत्री की यात्रा को देखते हुए आइजोल में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। राज्य पुलिस के साथ-साथ बीएसएफ और सीआरपीएफ के जवानों को भी तैनात किया गया। प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले एयरफोर्स-वन विमान से लेंगपुई एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से हेलीकॉप्टर के जरिए कार्यक्रम स्थल तक गए। कार्यक्रम में उन्होंने जनसभा को भी संबोधित किया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आइजोल को रेल मार्ग से जोड़ने के लिए सैरांग से बैराबी तक 51.38 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट में करीब 8070 करोड़ रुपए की लागत आई है। पहले केवल बैराबी तक ही रेल लाइन थी, लेकिन अब इसे सैरांग तक बढ़ा दिया गया है, जिससे आइजोल सीधे जुड़ गया। यह रेल लाइन इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना है। मिजोरम की कठिन और पहाड़ी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह काम बहुत चुनौतीपूर्ण था। लेकिन रेलवे के इंजीनियरों और कर्मचारियों ने दिन-रात मेहनत करके इसे पूरा किया।
इस रेल मार्ग पर कई अहम निर्माण किए गए हैं 48 सुरंगें, 55 बड़े और 87 छोटे पुल, 4 नए स्टेशन- हरतकी, कावनपुई, मुअलखांग और सैरांग। सबसे खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट में देश का दूसरा सबसे ऊंचा पियर ब्रिज (पुल संख्या-144) भी बनाया गया है। इसके P-4 पिलर की ऊंचाई 114 मीटर है, जो कुतुब मीनार से भी 42 मीटर ऊंचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई, वे हैं- सैरांग- दिल्ली (आनंद विहार) राजधानी एक्सप्रेस, सैरांग- गुवाहाटी एक्सप्रेस, सैरांग – कोलकाता एक्सप्रेस। इन ट्रेनों से यात्रियों को देश के बड़े शहरों से आइजोल तक सीधा रेल संपर्क मिलेगा। रेल मंत्री ने बताया कि इस रेल मार्ग से न सिर्फ यात्रियों को फायदा होगा, बल्कि मालगाड़ियों के जरिए सामान की ढुलाई भी सस्ती हो जाएगी। इससे- सीमेंट, अनाज और रोजमर्रा की चीजें सस्ती मिलेंगी। स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी, पूर्वोत्तर में रेलवे का विस्तार। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि अब तक पूर्वोत्तर में केवल गुवाहाटी (असम), ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) और अगरतला (त्रिपुरा) ही रेल मार्ग से जुड़े थे। अब आइजोल भी इस सूची में शामिल हो गया है। इसके साथ ही नागालैंड की राजधानी कोहिमा और म्यांमार बॉर्डर तक रेलवे विस्तार की योजना पर भी काम चल रहा है।

















