लखनऊ । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर बेतुका बयान दिया है। शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि यदि वोट चोरी हुई तो भारत में भी नेपाल जैसी स्थिति बन सकती है।
चुनाव आयोग पर अखिलेश यादव का निशाना
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी वोट चोरी न हो। अगर वोट चोरी हुई तो लोग सड़कों पर उतर सकते हैं। अखिलेश यादव ने पड़ोसी देश नेपाल की तरफ इशारा करते हुए कहा कि जहां हाल ही में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। वैसे ही लोग यहां पर भी सड़कों पर उतर सकते हैं।
वोट चोरी और हिंसा की चेतावनी
अखिलेश यादव ने कहा कि यह चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह सुनिश्चित करे कि कहीं भी वोट चोरी न हो। हर कोई जानता है कि जब वो लोग वोट चोरी के माध्यम से चुनाव नहीं जीत सके, तो उन्होंने रिवाल्वर की शक्ति से वोट रोकने की कोशिश की। अगर ऐसी घटनाएं होती हैं, तो यह संभव है कि यहां के लोग सड़कों पर उतर सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे हमारे पड़ोसी देश में हुआ है। अखिलेश यहीं नहीं रुके। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने गठबंधन “वोट चोरी” को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
अखिलेश यादव के पुराने विवादित बयान
उल्लेखनीय है कि अखिलेश यादव को सक्रिय राजनीति में बीस बरस से अधिक समय हो चुका है। वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव ऐसा पहला चुनाव था जब उनको अकेले दम पर चुनाव में कुछ सीटों पर सफलता मिली। उसके बाद भी उनको लगता है कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में धांधली हुई थी। यही नहीं वर्ष 2017 में जब वह उत्तर प्रदेश में चुनाव हारे थे। उसके ठीक बाद उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था। उस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा था कि “मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि जो भीड़ जनसभाओं में आती थी। उसका वोट कहां चला गया!” उनके इस अपरिपक्व बयान की भी काफी चर्चा हुई थी। लोगों का कहना था कि अखिलेश यादव को इतना भी समझ नहीं आया कि जन सभा में जुटने वाली भीड़ और मतदाता में अंतर होता है।

















