उत्तर प्रदेश सरकार सम्भल जिले में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम कर रही है। जिले के प्राचीन तीर्थ स्थलों और ऐतिहासिक कूपों के पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए 5 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री पर्यटन स्थलों के विकास योजना के तहत प्राचीन धार्मिक स्थलों के आसपास सुधार, सौंदर्यीकरण और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जा रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि विभागीय प्रयासों से सम्भल के धार्मिक स्थलों की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी।
भगवान विष्णु के कल्कि अवतार से जुड़ी मान्यता
उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यता है कि भगवान विष्णु का 10वे अवतार कल्कि रूप में संभल में होगा। कल्कि पुराण में विस्तार से भगवान विष्णु के कल्कि अवतार और संभल के बारे में बताया गया है। धार्मिक मान्यता ये भी है कि कल्कि अवतार के बाद कलयुग का अंत हो जाएगा।
परियोजना के तहत विकसित की जाने वाली सुविधाएं
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि परियोजना के तहत प्राचीन स्थलों पर पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, शौचालय, पेयजल व मार्गदर्शन केंद्र जैसी व्यवस्था विकसित की जाएंगी। इसके अलावा, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए स्थानीय कला, ओडीओपी उत्पाद आदि को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल संभल को राज्य के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाएगी। पर्यटन विकास योजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे और पर्यटन से जिले की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
श्री कल्कि धाम मंदिर का विशेष महत्व
सम्भल के ऐंचोड़ा कंबोह स्थित श्री कल्कि धाम मंदिर का निर्माण हो रहा है। श्री कल्कि धाम मंदिर के निर्माण से देश-दुनिया के श्रद्धालुओं का ध्यान संभल की ओर आकर्षित हुआ है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खूबी यह है कि मंदिर का निर्माण उसी गुलाबी पत्थर से किया जा रहा है, जो अयोध्या के राम मंदिर और सोमनाथ मंदिर में इस्तेमाल हुआ है। कल्कि धाम को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आकर्षण है।
पर्यटन के क्षेत्र में सम्भल की बढ़ती लोकप्रियता
पर्यटन मंत्री ने बताया कि क्षेत्रफल की दृष्टि से संभल छोटा जिला है। मगर, पर्यटन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वर्ष 2024 में जनपद में जहां 43,58,329 पर्यटक आए, वहीं 2025 के शुरुआती महीने जनवरी से मार्च तक यहां तकरीबन 13,05,970 पर्यटक पहुंचे। पर्यटन विभाग को वर्षांत तक पर्यटकों का आंकड़ा 45 से 50 लाख के बीच रहने का अनुमान है। पर्यटन दृष्टि से सम्भल प्रमुख स्थल के रूप में उभर रहा है। यहां मनोकामना मंदिर, माता कैला देवी मंदिर, ऐतिहासिक घंटाघर, पृथ्वीराज चौहान द्वारा निर्मित तोता-मैना की कब्र सहित कई दर्शनीय स्थल मौजूद हैं। धार्मिक आस्था और पर्यटन के संगम से सम्भल जिले की पहचान और मजबूत हुई है।














