प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मणिपुर के दौरे पर जाएंगे। यह दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री इस दौरे के दौरान मणिपुर को 8,500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। वे इन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। मणिपुर के मुख्य सचिव पुनीत कुमार गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री पहले मिजोरम से चुराचांदपुर पहुंचेंगे और फिर इंफाल जाएंगे।
प्रधानमंत्री चुराचांदपुर में 7,300 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। साथ ही 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे। ये सभी योजनाएं राज्य के समावेशी, सतत और विकास को ध्यान में रखते हुए शुरू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री चुराचांदपुर और इंफाल में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से भी मिलेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। पीएम मोदी के संभावित दौरे को लेकर राज्य में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इंफाल और चुराचांदपुर में भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं। इंफाल के कांगला किले और चुराचांदपुर के पीस ग्राउंड के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां पर प्रधानमंत्री की जनसभा आयोजित होनी है, जिसके लिए एक बड़ा मंच तैयार किया जा रहा है।
कांगला किला मणिपुर के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह किला इंफाल नदी और खाइयों से घिरा हुआ है। यहां पर्यटकों की आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है। किले में लगातार सुरक्षा बल गश्त कर रहे हैं। खोजी कुत्तों और आधुनिक उपकरणों से परिसर की जांच की जा रही है ताकि कोई भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति पकड़ा जा सके। राज्य आपदा प्रबंधन बल की नावें भी किले के चारों ओर तैनात की गई हैं। पीएम मोदी की यात्रा को लेकर राज्य प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के बीच कई बैठकें हो चुकी हैं। सुरक्षा अधिकारी लगातार निगरानी रख रहे हैं और किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए अभ्यास कर रहे हैं। सीआरपीएफ ने संवेदनशील क्षेत्रों में चौकियां स्थापित की हैं ताकि असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।
हालांकि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले राज्य में अशांति भी देखी गई। गुरुवार शाम को चुराचांदपुर जिले में उपद्रवियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प हुई। उपद्रवियों ने प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए लगाए गए बैनर, पोस्टर और बैरिकेड्स को फाड़ दिया और उनमें आग लगा दी। इसके अलावा सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर भी फेंके गए। ये घटनाएं पियर्सनमुन गांव और फिलियन बाजार में हुईं। इसके बाद सुरक्षा बलों ने फ्लैग मार्च और गश्त बढ़ा दी है ताकि इलाके में शांति बहाल की जा सके। पीएम मोदी के कार्यक्रम को लेकर अभी तक आधिकारिक रूप से समय और स्थान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मिजोरम यात्रा के बाद सीधे मणिपुर पहुंचेंगे। राज्य सरकार को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा से मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति लौटेगी। साथ ही विकास परियोजनाओं से राज्य को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूती मिलेगी।

















