आज के डिजिटल युग में UPI हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। चाहे आप सब्जी खरीद रहे हों, टैक्सी ले रहे हों, बिजली का बिल भर रहे हों या ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे हों- हर जगह UPI का इस्तेमाल आसान और तेज तरीका बन गया है। लेकिन जितना आसान यह सिस्टम है, उतना ही इसके जरिए फ्रॉड होने का खतरा भी बढ़ गया है। हर दिन हजारों लोग UPI फ्रॉड का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में अगर आप भी UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियों को जानना और अपनाना बेहद जरूरी है।
आइए जानते हैं UPI से जुड़े पांच जरूरी सुरक्षा उपाय जिन्हें अपनाकर आप फ्रॉड से बच सकते हैं- ध्यान रखें कोई भी बैंक अधिकारी या UPI ऐप का कस्टमर सपोर्ट आपसे कभी भी आपका OTP, PIN, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है। अगर कोई व्यक्ति आपको कॉल करके खुद को बैंक कर्मचारी या ऐप सपोर्ट वाला बताता है और आपसे UPI PIN या OTP मांगता है, तो समझ लीजिए कि वह एक ठग है। कभी भी किसी कॉल, मैसेज या ईमेल पर अपना OTP, PIN, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी कोई भी निजी जानकारी साझा न करें।
- फ्रॉड करने वाले अक्सर “पैसे भेजने” के बहाने आपको ‘Pay Request’ भेजते हैं। जैसे ही आप गलती से उस रिक्वेस्ट को “OK” या “Accept” कर देते हैं, आपके अकाउंट से पैसे कट जाते हैं। अगर कोई अनजान व्यक्ति आपको कोई पेमेंट रिक्वेस्ट भेजता है, तो उसे बिना सोचे-समझे स्वीकार न करें। ऐसी रिक्वेस्ट को तुरंत Reject कर दें। फ्रॉडस्टर नकली ऐप और वेबसाइट बनाकर लोगों को धोखा देते हैं। अगर आपने किसी गलत वेबसाइट या संदिग्ध लिंक से UPI ऐप डाउनलोड किया, तो आपकी बैंकिंग जानकारी खतरे में पड़ सकती है। केवल Google Play Store या Apple App Store से ही कोई भी UPI ऐप डाउनलोड करें। किसी अनजान वेबसाइट या व्हाट्सएप लिंक से ऐप डाउनलोड करने से बचें। ऐप डाउनलोड करने से पहले उसके रिव्यू और रेटिंग जरूर चेक करें।
- हर QR कोड पैसे लेने के लिए नहीं होता। आजकल कुछ फ्रॉड लोग ऐसा QR कोड भेजते हैं जिसे स्कैन करने पर आपके खाते से पैसे कट जाते हैं, न कि आते हैं। अगर कोई कहे कि “QR कोड स्कैन करो और पैसा आएगा,” तो सतर्क हो जाइए। QR कोड केवल विश्वसनीय दुकानदार या व्यक्ति से ही स्कैन करें। स्कैन करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि आप पैसे भेज रहे हैं या ले रहे हैं। कई फ्रॉड करने वाले लोग आपको AnyDesk, TeamViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। एक बार आपने ऐसा ऐप इंस्टॉल कर लिया, तो वे आपके मोबाइल को रिमोट एक्सेस से कंट्रोल कर सकते हैं। इसके बाद वे आपके UPI ऐप, बैंक अकाउंट और पासवर्ड तक पहुंच सकते हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड न करें। अगर कोई “टेक्निकल सपोर्ट” या “कस्टमर केयर” बनकर आपको ऐसा करने को कहे, तो अलर्ट हो जाइए।















