पंजाब इन दिनों अपनी सबसे भयानक बाढ़ की चपेट में है, जो पिछले कई दशकों में सबसे गंभीर मानी जा रही है। भारी बारिश और हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों से उफनती नदियों ने राज्य के 23 जिलों में तबाही मचा दी है। इस आपदा में अब तक 46 लोगों की जान जा चुकी है, और लगभग 1.75 लाख हेक्टेयर में फैली फसलों को भारी नुकसान हुआ है। करीब 2,000 गांव प्रभावित हुए हैं, और लाखों लोग इस त्रासदी से जूझ रहे हैं।
बाढ़ का कारण और प्रभाव
सतलुज, ब्यास, और रावी जैसी प्रमुख नदियों के साथ-साथ मौसमी नालों में भारी बारिश के कारण पानी का स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। पंजाब में हाल के दिनों में हुई मूसलाधार बारिश ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। पोंग डैम का जलस्तर शनिवार को 1,394.19 फीट पर था, जो सामान्य सीमा 1,390 फीट से चार फीट ऊपर है। भाखड़ा डैम में भी पानी का स्तर 1,678.14 फीट दर्ज किया गया। इन डैमों से पानी का बहाव कम होने के बावजूद, गांवों में पानी भरा हुआ है, जिससे लोग बेघर हो गए हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र
गुरदासपुर जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 329 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। होशियारपुर और अमृतसर में सात-सात लोगों की मौत हुई, जबकि पठानकोट में छह और बरनाला में पांच लोगों ने जान गंवाई। लुधियाना, बठिंडा, मानसा, गुरदासपुर, रूपनगर, और अन्य जिलों में भी मौतें दर्ज की गई हैं। कुल 3.87 लाख लोग इस बाढ़ से प्रभावित हैं, और 22,854 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
राहत और बचाव कार्य
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), सेना, सीमा सुरक्षा बल, पंजाब पुलिस, और जिला प्रशासन दिन-रात राहत कार्यों में जुटे हैं। करीब 200 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां 7,000 से ज्यादा विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। 24 NDRF और दो SDRF टीमें 144 नावों के साथ बचाव कार्यों में लगी हैं। पंजाब सरकार ने विशेष ‘गिरदावरी’ शुरू की है ताकि नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिया जा सके।
कृषि और आजीविका पर संकट
पंजाब, जो भारत का ‘अन्न भंडार’ कहलाता है, में 1.75 लाख हेक्टेयर खेत बर्बाद हो चुके हैं। धान, कपास, गन्ना, और अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की आजीविका पर गहरा संकट मंडरा रहा है। घग्गर नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर है, जिसने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
राजनीतिक विवाद
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इसे पांच दशकों की सबसे बड़ी बाढ़ बताया और केंद्र से सहायता की मांग की। वहीं, AAP सरकार ने BJP पर वित्तीय मदद न देने का आरोप लगाया। पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर ‘फोटो-ऑप’ के लिए आने का तंज कसा।
















