उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य टास्क फोर्स ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट ntf.education.gov.in लॉन्च की। यह पोर्टल डेटा एकत्र करने, बहुभाषी सर्वेक्षण कराने, व्यवस्थागत खामियों का विश्लेषण करने और छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों तथा आम जनता से संवाद का प्रमुख मंच बनेगा।
18 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन
18 सदस्यीय इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एस. रवीन्द्र भट कर रहे हैं। मार्च 2025 में शीर्ष अदालत ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों तक में आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इस समिति का गठन किया था। अदालत ने टास्क फोर्स को भेदभाव, रैगिंग, शैक्षणिक दबाव, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामाजिक वर्जनाएं और आर्थिक संकट जैसे कारणों की पहचान कर सुधारात्मक उपाय सुझाने का जिम्मा सौंपा है।
कैसे मिलेगी छात्रों को मदद
वेबसाइट के शुभारंभ अवसर पर न्यायमूर्ति भट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आत्महत्याओं की गंभीरता को पहचाना है। हमारी जिम्मेदारी है कि हर उस कारण की तह तक जाएं, जो छात्रों को इस चरम कदम तक धकेल रहा है। वेबसाइट पर उपलब्ध सर्वेक्षण इस दिशा में पहला ठोस प्रयास है, जिससे हमें संस्थानों और छात्रों की वास्तविक आवाजें मिलेंगी। टास्क फोर्स महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक संस्थागत दौरे कर रही है और पहले के अध्ययनों व रिपोर्टों का विश्लेषण भी कर चुकी है।
पोर्टल पर उपलब्ध सुविधाएं
पोर्टल पर अंग्रेज़ी और हिंदी में प्रश्नावली उपलब्ध है। उच्च शिक्षा संस्थान यहां आत्महत्या से जुड़ा डेटा, उपलब्ध सहायता तंत्र और शिकायत निवारण प्रणालियों की जानकारी अपलोड कर सकेंगे। इसके साथ ही हेल्पलाइन संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
भारत में 60,000 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थान
उच्च शिक्षा विभाग के सचिव विनीत जोशी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में टास्क फोर्स लगातार विभिन्न हितधारकों से संवाद कर रही है। अब यह वेबसाइट फीडबैक एकत्र करने की प्रक्रिया को और गति देगी। भारत में 60,000 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थान, 4.46 करोड़ छात्र और 16 लाख शिक्षक हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए मजबूत मानसिक स्वास्थ्य तंत्र और सुरक्षित सीखने का माहौल बनाना अनिवार्य है।
टास्क फोर्स की रिपोर्ट और भविष्य की दिशा
गौरतलब है कि टास्क फोर्स की पहली बैठक 29 मार्च को हुई थी। समिति सितंबर अंत तक अपनी अंतरिम रिपोर्ट और वर्ष के अंत तक अंतिम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी। इस दौरान विशेषज्ञों से परामर्श और मौजूदा नीतियों की समीक्षा कर संस्थानों में सहयोगी शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए ठोस सुधारों की सिफारिशें तैयार की जाएंगी।
















