नई दिल्ली, (हि.स.)। दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस नवीन चावला की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम समेत नौ आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
हाई कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम के अलावा अतहर खान, अब्दुल खालिद सैफी, मोहम्मद सलीम खान, शिफा उर रहमान, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा और शादाब अहमद की जमानत याचिका खारिज की है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि अगर आरोपी देश के खिलाफ कार्रवाई करें, तो उनके लिए बेहतर जगह जेल ही है। मेहता ने कहा था कि ये कोई साधारण अपराध नहीं है, बल्कि सुनियोजित दंगों की साजिश रचने का मामला है। दंगों की साजिश रचने के आरोपित इसका प्रभाव पूरे देश में देखना चाहते थे।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि ट्रायल में देरी का मतलब फ्री पास नहीं है। दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा था कि इस मामले में ट्रायल में देरी की वजह अभियोजन पक्ष नहीं है बल्कि ट्रायल में देरी आरोपियों की वजह से हो रही है। ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने पर सुनवाई चल रही है। आरोप तय करने के मामले में दूसरे आरोपित की ओर से दलीलें खत्म की गई है। आरोपितों की ओर से दलीलें रखने में देरी की जा रही है। चेतन शर्मा ने कहा था कि तेज ट्रायल जरुरी है लेकिन राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के मामले में लंबे समय तक जेल में रखने को जमानत देने का आधार नहीं बनाया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि कि फरवरी 2020 में दिल्ली दंगों में कम से कम 53 लोगों की मौत हुई थे।
















