प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 31 अगस्त को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में बिहार के मुजफ्फरपुर जिले की रहने वाली देवकी सिंह की सराहना की। लोग उन्हें आज प्यार से ‘सोलर दीदी’ के नाम से जानते हैं। उनकी मेहनत और लगन की कहानी देशभर के लोगों के लिए प्रेरणा बन गई है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए।
देवकी सिंह मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां प्रखंड के कर्णपुर गांव की रहने वाली हैं। एक समय ऐसा था जब उनका परिवार भारी आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। उनके पास केवल 5 धूर जमीन है। घर चलाना मुश्किल था। 2022 में देवकी सिंह के पति सुनील सहनी की बैंक में सफाईकर्मी की नौकरी चली गई। इससे परिवार पर रोजी-रोटी का संकट आ गया। ऐसे समय में देवकी को “स्वयं सहायता समूह” के बारे में पता चला। यहां जुड़कर उन्होंने सौर ऊर्जा से सिंचाई करने का तरीका सीखा। आगा खा संस्था और जीविका परियोजना से उन्हें सोलर पंप योजना की जानकारी मिली। यह योजना लॉटरी से चलाई जा रही थी और देवकी का नाम चयनित हो गया। उन्हें 1.5 लाख रुपये की सहायता राशि मिली। शुरुआत में गांव के लोग और परिवार के कुछ सदस्य इस योजना पर भरोसा नहीं कर रहे थे। लेकिन देवकी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने 10% ब्याज पर कर्ज लिया और सोलर पंप लगवाया। आज वे सफलतापूर्वक खेती कर रही हैं।
धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई। आज वे अपने गांव के आसपास के 40 एकड़ जमीन में सोलर पंप के जरिए सिंचाई कर रही हैं। इस काम से 112 किसान जुड़े हुए हैं। अब देवकी सिंह खुद भी अच्छी आमदनी कमा रही हैं और साथ ही दूसरों की भी मदद कर रही हैं। उनका यह प्रयास न केवल आत्मनिर्भरता का उदाहरण है, बल्कि ग्रामीण भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण की एक मिसाल भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में देवकी दीदी के जज़्बे और साहस की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतने सीमित संसाधनों के बावजूद देवकी देवी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने न केवल अपने परिवार को संवारने का कार्य किया, बल्कि अपने गांव के सैकड़ों किसानों की भी आशा की किरण बन गईं। देवकी सिंह कहती हैं कि जब उन्हें पता चला कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनके काम की सराहना की है, तो उन्हें बहुत हिम्मत और आत्मविश्वास मिला। पहले उन्हें डर लगता था कि कहीं काम न बिगड़ जाए, लेकिन अब वे निडर होकर और लगन से काम कर रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि मन की बात में नाम आना उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है।

















