भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेक इन इंडिया पर जोर दिया है। लाल किले के भाषण में भी उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे स्वावलंबन और स्वदेशी को आत्मसात करें। मेक इन इंडिया के तो सुखद परिणाम आ ही रहे हैं और अब भाजपा आत्मनिर्भर भारत के लिए महाअभियान चलाने जा रही है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने इस संबंध में निर्देश दिए हैं। पार्टी में इसको लेकर फैसला भी ले लिया गया है। अमेरिका के ट्रंप टैरिफ के बीच यह बड़ा कदम है। क्योंकि एक ओर भारत ट्रंप टैरिफ का माकूल जवाब देने के लिए अमेरिका की जगह यूरोप और अन्य बाजारों में निर्यात की संभावनाएं देख रहा है, वहीं विदेशी आयात को कम करने के लिए स्वदेशी पर जोर दिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान’ के माध्यम से आत्मनिर्भरता का संदेश दिया जाएगा। देश के लोगों को स्वदेशी उत्पादों के उपयोग तथा स्वदेशी जीवन मूल्यों को अपनाने का संकल्प दिलाया जाएगा। यह अभियान 25 सितम्बर (पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती) से शुरू होकर 25 दिसंबर (भारत रत्न अटल जी की जयंती) तक चलेगा।
अभियान में विभिन्न सरकारी विभागों, स्थानीय निकायों, उद्योग एवं व्यापार संगठनों, व्यावसायिक एवं संगठनों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक नेताओं, युवा एवं महिला संगठनों, सेलिब्रिटी एवं इन्फ्लुएंसर्स को शामिल किया जा सकता है। आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन पहले चरण (अक्टूबर) में सभी जिलों तथा दूसरे चरण (नवंबर-दिसंबर 2025) में सभी मंडलों में करना है। इसमें संबंधित सामाजिक व्यावसायिक संगठनों तथा हितधारकों जैसे स्थानीय शिल्पकारों और कारीगरों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत संकल्प- व्यापारी सम्मेलन, उद्योग सम्मेलन, प्रभात फेरी, मशाल यात्रा, नुक्कड़ नाटक, मेला, किसान मार्च भी आयोजित किए जा सकते हैं।
संतों से लेकर कॉलेजों तक पहुंच
संत सम्मेलन, महिला सूक्ष्म उद्यमी सम्मेलन, एमएसएमई उद्योगपति सम्मेलन तथा कॉलेजों तक पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। सभी जिलों में 15 से 20 दिन की आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ यात्रा भी निकाली जा सकती है। कॉलेजों में सेमिनार, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित होगी। त्योहारों को देखते हुए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। दुर्गा पूजा और गरबा महोत्सव के दौरान पूजा समितियों के साथ समन्वय कर पूजा पंडाल आत्मनिर्भर भारत की थीम पर सजाए जाएंगे। पूजा पंडालों के पास स्वदेशी उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे।
दीपावली में प्रकाशित होगा स्वदेशी
दीपावली पर्व के समय लोगों को स्वदेशी उत्पाद खरीदने एवं दुकानदारों को स्वदेशी उत्पाद बेचने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। विदेशी लाइटिंग उत्पादों की जगह दीयों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल में स्थानीय इन्फ्लुएंसर्स भी जोड़े जाएंगे।
दुकानों में लगेंगे लोगो
“आत्मनिर्भर भारत हेतु संकल्प’ के लोगो (logo) स्थानीय भाषाओं में डिजाइन और प्रिंट कराए जाएंगे, जोकि जिला स्तर पर इच्छुक दुकानदारों और व्यापारियों को दिए जाएंगे। उन्हें दुकानों में इन लोगो को प्रमुखता से प्रदर्शित करने का आग्रह किया जायेगा।
स्वदेशी मंत्र अपनाने पर जोर
जहां भी भाजपा एवं एनडीए की सरकार और स्थानीय निकाय हैं, वहां प्रशासन को खरीद और कार्यप्रणाली में स्वदेशी मंत्र अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा।
पार्टी पदाधिकारियों एवं निर्वाचित प्रतिनिधियों को ‘आत्मनिर्भर भारत हेतु संकल्प’ बैज (badge) अपने वाहनों पर स्टिकर लगाने, लेटरहेड पर प्रतीक चिन्ह, प्रोफाइल फोटो, निमंत्रण पत्रों में संदेश शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। आत्मनिर्भरता एवं स्वदेशी उत्पादों पर उपलब्ध साहित्य का बड़े पैमाने पर वितरण किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर तैयारी
‘आत्मनिर्भर भारत हेतु संकल्प टैगलाइन के साथ हस्ताक्षर अभियान सोशल मीडिया पर चलाए जाने का निर्देश दिया गया है। जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
बड़ा स्वदेशी अभियान ऐसे समय में शुरू हो रहा है जब भारत पर्वों और त्योहारों से सराबोर होगा। स्वदेशी के दिये घरों के साथ ही पूरे भारत को प्रकाशित करेंगे।

















