अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक बयान देकर हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया है कि अगर उनके द्वारा लगाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) हटा दिए गए, तो अमेरिका पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा और उसकी सैन्य ताकत तुरंत खत्म हो जाएगी। यह बयान एक फेडरल अपील कोर्ट के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए कई टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया गया। ट्रंप ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की और इसे देश के लिए खतरनाक बताया।
कोर्ट का फैसला और ट्रंप का गुस्सा
शुक्रवार को अमेरिका की फेडरल अपील कोर्ट ने 7-4 के बहुमत से फैसला सुनाया कि ट्रंप प्रशासन ने जो टैरिफ लगाए थे, वे कानून के दायरे में नहीं थे। कोर्ट का कहना था कि राष्ट्रपति को इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत इतने व्यापक और खुली छूट वाले टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। इस फैसले ने ट्रंप को भड़का दिया। रविवार को उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कोर्ट के इस फैसले को देश के लिए घातक बताया। उन्होंने जजों के बहुमत वाले समूह को “रैडिकल लेफ्ट” (कट्टर वामपंथी) करार दिया और कहा कि ये लोग देश की आर्थिक और सैन्य ताकत को कमजोर कर रहे हैं।
ट्रंप का टैरिफ पर जोर
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि टैरिफ की वजह से अमेरिका को अब तक “खरबों डॉलर” का फायदा हुआ है। उनके मुताबिक, ये टैरिफ अमेरिका की अर्थव्यवस्था और सैन्य ताकत को बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर टैरिफ हटाए गए, तो देश की अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी और सैन्य शक्ति “पलक झपकते” खत्म हो जाएगी। ट्रंप का मानना है कि टैरिफ से न सिर्फ अमेरिका में नौकरियां और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ रही है, बल्कि ये विदेशी व्यापार में अमेरिका को ताकतवर बनाते हैं।
एक जज को ट्रंप की तारीफ
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में एक जज की तारीफ भी की, जो डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े और ओबामा द्वारा नियुक्त थे। ट्रंप ने कहा कि इस जज ने हिम्मत दिखाई और देश को बचाने के लिए उनके पक्ष में वोट दिया। ट्रंप ने इस जज को “देशभक्त” बताया और कहा कि वे अमेरिका से प्यार करते हैं। यह बात ट्रंप के लिए खास थी, क्योंकि यह जज अल्पमत में थे, फिर भी उन्होंने ट्रंप के टैरिफ नीति का समर्थन किया।
क्या है टैरिफ का मसला?
ट्रंप ने अपने कार्यकाल में कई देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाए थे, जिनमें भारत जैसे देश भी शामिल थे। हाल ही में उन्होंने भारत पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा है। ट्रंप का कहना है कि यह टैरिफ वैश्विक व्यापार को अमेरिका के हक में लाने के लिए जरूरी हैं। लेकिन कोर्ट के इस फैसले ने उनकी इस नीति पर सवाल उठा दिए हैं।















