स्कॉटलैंड का एक वीडियो पिछले दिनों वायरल हुआ। इस वीडियो में दो लड़कियां किसी को चाकू और कुल्हाड़ी दिखाती हुई नजर आ रही हैं। ऐसा दावा किया जा रहा था कि लड़कियों से कोई विदेशी बात करने का प्रयास कर रहा था और लड़की अपनी बहन को किसी से बचाने का प्रयास कर रही थी। हालांकि पुलिस ने उस लड़की को गिरफ्तार कर लिया है क्योंकि यूके में बिना किसी वैध कारण के चाकू या अन्य हथियार रखना गैरकानूनी है।
A 14-year-old girl in Scotland has been charged with possession of a knife after viral footage showed her and another minor being approached and filmed by at least one foreign man.
The girl brandishes a knife and an axe before walking away from the scene.
The incident occurred… pic.twitter.com/pC8A1YwCFU
— Remix News & Views (@RMXnews) August 26, 2025
इस वीडियो में लड़की किसी पर चिल्लाते हुए दिख रही है। मीडिया के अनुसार लड़की कैमरे से वीडियो बनाने वाले को “किड बैशर” अर्थात बच्चों को परेशान करने वाला कह रही है। san.com के अनुसार ऑनलाइन कमेन्ट करने वाले यही कह रहे हैं कि लड़कियां शायद अपने पर हुए किसी हमले का विरोध कर रही हैं।
मगर अब इस लड़की को गिरफ्तार कर लिया गया है। स्कॉटलैंड की पुलिस के अनुसार इस बात का कोई सबूत नहीं मिला कि लड़की के साथ किसी ने कोई अभद्रता की। चाकू और कुल्हाड़ी रखना अपराध है, तो इसलिए लड़की को गिरफ्तार किया गया है।
मगर इस गिरफ़्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम प्रश्न उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि लड़की ने केवल अपनी रक्षा के लिए हथियार उठाए थे, इसलिए उसे गिरफ्तार क्यों करना? एक यूजर ने लिखा कि यदि आप कानून लागू करने वाली किसी संस्था के सदस्य हैं और 14 वर्षीय लड़की को गिरफ्तार करने का काम कर रहे हैं, जो अपने जीवन के लिए इस सही कारण को लेकर डरी हुई है कि उसके देश पर तीसरी दुनिया के लोगों द्वारा आक्रमण किया जा रहा है, तो आप कानून और व्यवस्था की रक्षा नहीं कर रहे हैं, आप श्वेत-विरोधी अराजकता-अत्याचार को लागू कर रहे हैं, और यदि कभी अच्छाई की जीत होती है, तो आपको और आपके पूरे कमांड चेन को, जिसमें कानून निर्माता और राज्य प्रमुख शामिल हैं, राजद्रोह का दोषी ठहराया जाएगा।
इस समय यूरोप में श्वेत लड़कियां, शरणार्थियों द्वारा की जा रही हिंसा का शिकार हो रही हैं। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर उन्हें इतना समर्थन मिल रहा है। यूरोप के विभिन्न देशों से ऐसे वीडियो सामने आ रहे हैं, जिनमें श्वेत और स्थानीय लड़कियां कभी सीरिया, तो कभी अफगानिस्तानी या कभी पाकिस्तानी शरणार्थियों के हाथों हिंसा का शिकार हो रही हैं। ब्रिटेन में ग्रूमिंग गैंग्स के खिलाफ कार्यवाही तो चल ही रही है।
लड़कियों को ही दंडित करने की घटना आज की नहीं है। कुछ वर्ष पहले भी डेनमार्क में एक लड़की पर इसलिए जुर्माना लगाया गया था कि उसने एक यौन हमलावर पर पेपर अर्थात मिर्ची का स्प्रे कर दिया था। वर्ष 2016 की इस घटना का उल्लेख आज फिर से सोशल मीडिया पर हो रहा है और लोग यह चर्चा कर रहे हैं कि आखिर आत्मरक्षा करने वाली लड़कियों पर ही कार्यवाही क्यों हो रही है? जिस लड़की पर यह जुर्माना लगा था उसने बताया था कि अंग्रेजी बोलने वाले एक आदमी ने उस पर यौन हमले की मंशा से हमला किया था और फिर उसने उस आदमी पर पेपर स्प्रे किया था और वह भाग गई थी। डेनमार्क में तब पेपर स्प्रे ले जाना अपराध माना जाता था। पेपर स्प्रे, चाकू और नुकीले हथियारों की श्रेणी में आता है।
हालांकि ग्रूमिंग गैंग्स की पीड़ित लड़कियों की यदि बात की जाए तो उन सभी मामलों में भी लड़कियों को ही प्रशासन द्वारा दोषी ठहराया जाता रहा है। अब स्कॉटलैंड के इस मामले में भी लड़की को ही इस बात के लिए पुलिस पकड़ कर ले गई है कि उसने अवैध रूप से हथियार रखे थे। लोग कह रहे हैं कि अवैध शरणार्थियों पर रोक लगाने के स्थान पर अपनी ही बेटियों को क्यों सजा दी जा रही है? एक यूजर ने लिखा कि अंदाजा लगाइए कि कौन इस उत्पीड़न से खुद की रक्षा करने के लिए गिरफ्तार हुआ। इस समय सोशल मीडिया ही नहीं बल्कि यूरोप में इस इस गिरफ़्तारी को लेकर हंगामा मचा हुआ है।

















