पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने जिस तरह से मजबूती के साथ पाकिस्तान को जबाव दिया है। खास तौर पर 1960 के सिंधु जल समझौते को निलंबित किया। उससे पाकिस्तान तड़फड़ा रहा है। वह बार-बार भारत से बातचीत के लिए गिड़गिड़ा रहा है। लेकिन अपनी हेकड़ी और अपने असली इरादों को भी नहीं छोड़ना चाहता है। हालांकि, फजीहत के डर से खुलकर सामने भी नहीं आ रहा है। इसी क्रम में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक अहमद डार ने एक बार फिर से भारत के साथ बातचीत की इच्छा जाहिर की है।
लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, डार का कहना है कि वह सम्मानजनक बातचीत चाहते हैं। इसके साथ ही डार ने ये भी कहा कि वो कश्मीर, व्यापार और सिंधु जल समझौते को लेकर बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि, डार ने हेकड़ी दिखाते हुए कहा कि हम बातचीत के लिए भारत से गिड़गिड़ाएंगे नहीं।
बातचीत की चाहत, लेकिन शर्तों के साथ
इशाक डार ने इस्लामाबाद में संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ “सम्मानजनक और व्यापक” बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने साफ किया कि यह बातचीत सिर्फ कश्मीर तक सीमित नहीं होगी, बल्कि आतंकवाद, व्यापार, और अन्य मुद्दों को भी शामिल किया जाएगा। डार ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान बातचीत के लिए बेताब नहीं है और वह “भीख मांगने” की स्थिति में नहीं आएगा।
सिंधु जल संधि के लिए तड़प रहा पाकिस्तान
भारत से बातचीत करने के लिए तड़प रहे पाकिस्तान की कमजोर नब्ज इशाक डार ने खुद ही दिखा दी। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में सिंधु जल संधि पर सबसे अधिक जोर दिया और कहा कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने इसे निलंबित कर दिया था।
ऑपरेशन सिंदूर और बढ़ा तनाव
इस साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने दोनों देशों के बीच तनाव को नई ऊंचाई दी। इस हमले में 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। भारत ने इसका जवाब “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले करके दिया। इसके बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले की कोशिश की, लेकिन भारत ने इसका भी करारा जवाब दिया। 10 मई को अमेरिका की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच युद्धविराम हुआ। डार ने बताया कि उन्हें अमेरिका से युद्धविराम के लिए फोन आया था, और पाकिस्तान ने शांति के लिए सहमति जताई। लेकिन हाल ही में डार ने अपने ही देश के स्टैंड पर यूटर्न लेते हुए ये भी कहा कि अमेरिका ने सीजफायर में कोई मदद नहीं की थी।
खून और पानी साथ नहीं बह सकते
वहीं भारत सरकार का रुख इस मामले में बहुत ही स्पष्ट है। पीएम मोदी दो टूक कह चुके हैं कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता। जब तक पाकिस्तान आतंकवाद का रास्ता नहीं छोड़ेगा, उसके साथ कोई बातचीत नहीं होगी।

















